Tuesday, June 23, 2026
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चकिया – 36 सप्ताह की कठिन तपस्या के बाद बिहार पुलिस को मिले 569 नए प्रहरी….. भव्य पासिंग आउट परेड, जवानों की कदमताल और अनुशासन ने बढ़ाया गौरव….. ख़ुशी से छलके जवानों के मां बाप, बहन पत्नी के आंसू, कहा सपना हुआ पूरा

चकिया, चंदौली। चकिया स्थित सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर में रविवार को आयोजित भव्य पासिंग आउट परेड में बिहार पुलिस सेवा के 569 जवानों ने 36 सप्ताह (250दिनों) का कठिन प्रशिक्षण पूरा कर देशसेवा, कानून व्यवस्था व जनसुरक्षा के प्रति समर्पण की शपथ ली। अनुशासन, आत्मविश्वास व जोश से भरी परेड ने समारोह को गौरवपूर्ण बना दिया। अपने बेटों व बेटियों को वर्दी में कदमताल करते देख परिजनों की आंखें भावुक हो उठीं।

सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर में आयोजित दीक्षांत समारोह व पासिंग आउट परेड में बिहार पुलिस के 569 प्रशिक्षु जवानों ने विधिवत प्रशिक्षण पूर्ण करने के बाद देशसेवा की शपथ ली। सुबह आठ बजे शुरू हुए समारोह में जवानों की आकर्षक परेड, अनुशासित कदमताल व आत्मविश्वास ने उपस्थित अधिकारियों तथा परिजनों को प्रभावित किया। परेड की कमान पुलिस उपाधीक्षक सासाराम बबली कुमारी ने संभाली। जबकि मुख्य अतिथि सीआरपीएफ मध्य क्षेत्र लखनऊ के वरिष्ठ अधिकारी एवं राष्ट्रपति वीरता पुरस्कार से सम्मानित अनिल कुमार ने परेड का निरीक्षण किया।

समारोह में कमांडेंट सीआरपीएफ प्रदुम्म कुमार सिंह, डीआईजी सीआरपीएफ राकेश कुमार तथा डीआईजी बिहार पुलिस के आईजी रमन चौधरी, डीआईजी डाक्टर अब्दुल नजर (चिकित्सा) सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

वहीं मुख्य अतिथि अनिल कुमार ने कहा कि 36 सप्ताह का प्रशिक्षण केवल शारीरिक दक्षता ही नहीं बल्कि अनुशासन, धैर्य व सेवा भावना की भी परीक्षा है । उन्होंने जवानों से जनता के अधिकारों की रक्षा तथा कानून व्यवस्था बनाए रखने में पूरी निष्ठा के साथ कार्य करने का आह्वान किया। डीआईजी सीआरपीएफ राकेश कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि जवानों को हर परिस्थिति से निपटने के लिए व्यावहारिक व गहन प्रशिक्षण दिया गया है। विश्वास जताया कि प्रशिक्षित जवान चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी अपने दायित्वों का प्रभावी निर्वहन करेंगे।  

समारोह में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षक श्रवण कुमार को सम्मानित किया गया। विभिन्न टोलियों के कमांडरों को भी बेहतर प्रदर्शन के लिए पुरस्कार प्रदान किए गए। पूरे कार्यक्रम के दौरान देशभक्ति का उत्साह, जवानों का जोश और परिजनों का गौरव समारोह को यादगार बनाता रहा।

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