एनपीए खाते से बचें, समय पर चुकाएं ऋण, बैंक हर कदम पर आपके साथ है : एमजीएम आनंद लखमानी
एनपीए खातों पर बैंक की नजर, ऋण समाधान कैंप लगाकर ग्राहकों को किया जागरूक
चकिया (चंदौली)। बैंक ऑफ बड़ौदा की ओर से गुरुवार को तहसील सभागार में ऋण समाधान कैंप का आयोजन किया गया। कैंप में बैंक अधिकारियों ने एनपीए ग्राहकों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं जानीं और ऋण खातों के नियमित संचालन के लिए जरूरी जानकारी दी।अधिकारियों ने ग्राहकों को समय से ऋण की किस्त जमा करने तथा अपना सिविल स्कोर बेहतर बनाए रखने के लिए जागरूक किया।
बैंक ऑफ बड़ौदा के वाराणसी उप क्षेत्रीय प्रमुख (एजीएम) आनंद लखमानी ने अमीनों एवं एनपीए ग्राहकों के साथ बैठक की। उन्होंने एक-एक ग्राहक से बातचीत कर ऋण से जुड़ी समस्याओं और भुगतान की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि बैंक से लिया गया ऋण व्यक्ति और कारोबार को आगे बढ़ाने में सहयोग करता है। ऐसे में ऋण की किस्तों का समय पर भुगतान करना ग्राहक की जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि ग्राहक यह सुनिश्चित करें कि उनका खाता एनपीए की श्रेणी में न जाए। समय पर ऋण का भुगतान करने से न केवल बैंकिंग रिकॉर्ड बेहतर रहता है, बल्कि सिविल स्कोर भी अच्छा बना रहता है। भविष्य में ऋण या अन्य बैंकिंग सुविधाओं का लाभ लेने में अच्छा सिविल स्कोर महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने ग्राहकों को भरोसा दिलाया कि बैंक उनकी समस्याओं के समाधान के लिए हरसंभव सहयोग करेगा।
कैंप के दौरान उप क्षेत्रीय प्रमुख आनंद लखमानी ने बैंक के वरिष्ठ ग्राहकों से भी मुलाकात की। उन्होंने एसआरवीएस स्कूल के एएमडी श्याम जी सिंह और वरिष्ठ व्यापारी कैलाश जायसवाल से बैंकिंग सेवाओं को लेकर चर्चा की। उन्होंने ग्राहकों से बैंक की सेवाओं के संबंध में जानकारी लेते हुए पूछा कि उन्हें किसी तरह की परेशानी तो नहीं हो रही है।
उन्होंने बैंक अधिकारियों को भी निर्देशित किया कि ग्राहकों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर सुना जाए और उनका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए। कैंप में बीओबी के मुख्य शाखा प्रबंधक राजूल वर्मा, सिकंदरपुर शाखा प्रबंधक रनधीर कुमार, सैदूपुर शाखा प्रबंधक राजीव कुमार, सीनियर मैनेजर प्रमोद कुमार, मनीष तिवारी सहित बैंक के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
बैंक अधिकारियों ने ग्राहकों को संदेश दिया कि ऋण सुविधा व्यवसाय और व्यक्तिगत जरूरतों को पूरा करने के साथ आर्थिक रूप से आगे बढ़ने का माध्यम है। इसलिए ऋण लेने के बाद उसकी किस्तों का समय से भुगतान करना बेहद जरूरी है।