हत्याकांड: 12 नवंबर को हत्या…19 को शादी और 21 नवंबर को ‘तेरहवीं’, फिर ऐसे हुआ सनसनीखेज खुलासा
ग्रेटर नोएडा के दादरी के बढ़पुरा गांव निवासी पायल भाटी ने प्रेमी संग मिलकर अपने जैसी कदकाठी की दिखने वाली ग्रेनो वेस्ट निवासी हेमा चौधरी की घर बुलाकर हत्या कर दी। हत्या के बाद हेमा के चेहरे पर गर्म तेल डालकर पहचान मिटाने का प्रयास किया। हेमा के हाथ की नस काटकर अपने कपड़े पहना दिए।

शव के पास पायल के नाम का सुसाइड नोट छोड़कर दोनों फरार हो गए। सुसाइड नोट पढ़कर परिजनों ने पायल का शव समझकर उसका अंतिम संस्कार कर दिया। पायल प्रेमी संग मिलकर अपने माता-पिता को खुदकुशी करने के लिए विवश करने वाले भाई की पत्नी, साले और शादी कराने वाले बिचौलिए की हत्या की साजिश रचने में जुट गई। 12 नवंबर को लापता हुई हेमा की गुमशुदी दर्जकर तलाश में जुटी बिसरख कोतवाली पुलिस ने पायल और सिकंदराबाद निवासी प्रेमी अजय को बृहस्पतिवार को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस आरोपियों के खिलाफ साक्ष्य जुटा रही है।

दरअसल, पायल ने फेसबुक फ्रेंड अजय के साथ मिलकर हेमा चौधरी की हत्या कर दी। चंद दिनों बाद ही उसने फेसबुक फ्रेंड के नाम की मेंहदी भी हाथों में रचा ली। दादरी में 12 नवंबर को वारदात कर फरार होने के सात दिन बाद पायल ने अजय के साथ आर्य समाज मंदिर में शादी कर ली। वहीं परिजनों ने हेमा के शव को पायल समझ कर उसका अंतिम संस्कार कर दिया। 21 नवंबर को पायल की तेरहवीं की रस्म भी अदा कर दी गई। इसके वह अपने माता-पिता की मौत का बदला लेने के तैयारियों में जुट गई। इससे पहले की वह वारदात को अंजाम देती। पुलिस ने अजय और पायल को हिरासत में ले लिया। पुलिस और बढ़पुरा के ग्रामीणों ने बताया कि पायल रविंद्र भाटी और राकेश देवी की इकलौती बेटी थी। उसने बीए की पढ़ाई की थी। पढ़ाई के बाद वह माता-पिता के पास ही रहती थी। माता-पिता के एक साथ खुदकुशी करने से वह बेहद आहत हुई। हादसे के बाद उसने अपनी जान देने की कोशिश की थी।
हालत बिगड़ने पर उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था। इसके बाद ही उसकी अजय से फेसबुक पर जान पहचान हुई। धीरे-धीरे दोनों में बातचीत शुरू हो गई। उसने माता-पिता की हत्या का बदला लेने की ठानी। साजिश में अजय को शामिल किया। लोगों की नजरों से बचने के लिए खुद की मौत का स्वांग रचाया।
बढ़पुरा में मिली हेमा की लोकेशन, सीडीआर में अजय का नंबर
बिसरख कोतवाली प्रभारी अनिल राजपूत और उनकी टीम हेमा की तलाश में जुटी थी। हेमा के मोबाइल की अंतिम लोकेशन बढ़पुरा गांव में मिली थी। वहीं, हेमा के मोबाइल की सीडीआर से अजय से बात होने की जानकारी मिली।
पायल को बढ़पुरा, अजय को सिकंदराबाद ले गई पुलिस
पायल और अजय को हिरासत में लेने के बाद ही पुलिस ने गहनता से जांच पड़ताल शुरू कर दी। पुलिस व फॉरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए। पुलिस पायल को बढ़पुरा गांव स्थित उसके घर लेकर पहुंची।


