Tuesday, June 23, 2026
उत्तर-प्रदेशगोरखपुर

चकिया – सुबह से बूंद-बूंद पानी को तरसे लोग, हरकत में आया नगर पंचायत प्रशासन… पेयजल संकट के बीच EO का औचक निरीक्षण, नए पंप को जोड़ा गया सप्लाई लाइन से, सड़क खोदकर बदली गई टूटी पाइपलाइन, जलापूर्ति बहाल करने में जुटा नगर पंचायत, रोस्टर से क्यों नहीं दिया जाता पेयजल

चकिया, चंदौली। नगर में गहराए पेयजल संकट को लेकर बुधवार को नगर पंचायत प्रशासन अचानक हरकत में नजर आया। सुबह से लेकर शाम पांच बजे तक नगर के कई मोहल्लों में लोग पानी की एक-एक बूंद के लिए टकटकी लगाए बैठे रहे। नलों में पानी नहीं आने से लोगों में नाराजगी और आक्रोश भी देखने को मिला।

चंदौली में आयोजित बैठक के समाप्त होते ही नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी दिनेश कुमार सीधे चकिया नगर पंचायत कार्यालय पहुंचे। वहां वरिष्ठ लिपिक राकेश रोशन के साथ वार्ड नंबर-6 बावली के समीप नवनिर्मित पंप का निरीक्षण किया। जांच के दौरान पता चला कि नया पंप अब तक पेयजल सप्लाई लाइन से जोड़ा ही नहीं गया था। ईओ के निर्देश पर तत्काल पंप को लाइन से जोड़ने का कार्य कराया गया। अधिकारियों ने बताया कि शाम से अथवा गुरुवार सुबह से इस पंप के जरिए जलापूर्ति शुरू कर दी जाएगी, जिससे सिविल लाइन क्षेत्र के लोगों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है।

इसके बाद अधिशासी अधिकारी रोडवेज बस अड्डे के पास पहुंचे, जहां टूटी हुई पेयजल पाइपलाइन की मरम्मत का कार्य चल रहा था। जेसीबी मशीन से सड़क की खुदाई कर क्षतिग्रस्त पाइप को बदला गया। नगर पंचायत के कर्मचारी पाइपलाइन जोड़ने और लीकेज बंद करने में दिनभर जुटे रहे। खुदाई के दौरान पाइपलाइन के कई हिस्से क्षतिग्रस्त मिले, जिन्हें बदलकर नई लाइन जोड़ी गई।

ईओ ने मौके पर मौजूद कर्मचारियों को निर्देश दिया कि मरम्मत कार्य जल्द से जल्द पूरा कर जलापूर्ति बहाल की जाए, ताकि लोगों को और अधिक परेशानी का सामना न करना पड़े। स्थानीय लोगों के अनुसार पिछले कई दिनों से पानी की सप्लाई बाधित होने से लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो गई थी। खासकर रोडवेज बस अड्डा और आसपास के इलाकों में स्थिति ज्यादा खराब बनी हुई थी।

तदुपरांत अधिशासी अधिकारी कार्यालय पहुंचे और नगर की जलापूर्ति व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने वरिष्ठ लिपिक से पूछा कि नगर में किस रोस्टर के अनुसार पानी की सप्लाई की जाती है। इस पर बताया गया कि फिलहाल नगर में किसी निर्धारित रोस्टर के तहत जलापूर्ति नहीं हो रही है।

इस पर ईओ ने नाराजगी जताते हुए कहा कि यदि रोस्टर व्यवस्था लागू होती तो लोगों को इस तरह की समस्या का सामना नहीं करना पड़ता। लोगों को पहले से जानकारी रहती कि किस समय पानी आएगा और किस समय नहीं। उन्होंने 6 पंपों और ट्यूबवेलों पर तैनात 12 कर्मचारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए और चेतावनी दी कि लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बताया गया कि वर्तमान में एक ही जनरेटर के सहारे नगर में जलापूर्ति की जा रही है। अधिशासी अधिकारी ने कहा कि आने वाले समय में एक नया जनरेटर खरीदा जाएगा, जिससे पेयजल आपूर्ति व्यवस्था और बेहतर हो सकेगी।

इस दौरान वार्ड नंबर-3 के सभासद प्रतिनिधि सुरेश सोनकर भी मौके पर मौजूद रहे और कर्मचारियों से टूटी पाइपलाइन को जल्द दुरुस्त करने को कहते नजर आए। वहीं नगर पंचायत प्रशासन का दावा है कि मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद प्रभावित क्षेत्रों में जल्द नियमित जलापूर्ति शुरू कर दी जाएगी।

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