Tuesday, June 23, 2026
उत्तर-प्रदेशचंदौली

चकिया में उपमुख्यमंत्री को ब्लाक प्रमुख व नगर पंचायत के सभासद ने सौंपा ज्ञापन……… जर्जर होने से 70 गांवों को रहता है खतरा, रोडवेज व सीटी स्कैन……

सौंपे गए ज्ञापन में उठीं जल-जमाव, स्वास्थ्य और विकास की समस्याएं

ब्लॉक प्रमुख शम्भू यादव और सभासदों ने क्षेत्रीय समस्याओं के निस्तारण की रखी मांग

चकिया (चंदौली), 2 अगस्त।

चकिया नगर में शनिवार को उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के आगमन के दौरान क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों ने उन्हें क्षेत्र की बहुप्रतीक्षित समस्याओं को लेकर ज्ञापन सौंपा। ब्लॉक प्रमुख शम्भू यादव और नगर पंचायत के सभासद रवि गुप्ता द्वारा सौंपे गए इस ज्ञापन में जलजमाव, स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली, सार्वजनिक परिवहन और नगर विकास से जुड़ी कई मांगें प्रमुख रूप से उठाई गईं।

चितौड़ी स्थित सीपी रेगुलेटर की मरम्मत की मांग

ब्लॉक प्रमुख शम्भू यादव ने उपमुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपते हुए चन्द्रप्रभा नदी पर चितौड़ी गांव के पास बने सीपी रेगुलेटर की जर्जर स्थिति पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि रेगुलेटर के चारों गेट या तो जाम हो चुके हैं या खराब हैं, जिससे समय पर पानी रोकना अथवा छोड़ना संभव नहीं हो पाता। यह स्थिति चंदौली और मिर्जापुर के 70–80 गांवों को हर साल जलमग्न करने का खतरा उत्पन्न कर रही है।

ब्लाक ने बताया कि कई बार जेसीबी मशीन की मदद से गेट को जबरन खोलना-पसंद करना पड़ता है, जो अत्यंत असुरक्षित और अव्यवहारिक है। इसके साथ ही रेगुलेटर से गौड़िहार पुल तक नदी में जलकुंभी और खरपतवार का अत्यधिक फैलाव पानी के प्रवाह में अवरोध उत्पन्न कर रहा है।

ब्लॉक प्रमुख ने मांग की कि रेगुलेटर की तत्काल मरम्मत कराई जाए ताकि क्षेत्र के किसानों और आमजन को राहत मिल सके। उन्होंने विश्वास जताया कि सरकार जनहित में त्वरित कार्रवाई करेगी।

सभासद ने सौंपा विकास व स्वास्थ्य केंद्रित मांग पत्र

नगर पंचायत के सभासद रवि गुप्ता ने भी उपमुख्यमंत्री को एक अलग मांग पत्र सौंपा, जिसमें क्षेत्र के चहुँमुखी विकास की मांग की गई।

स्वास्थ्य सेवाओं की हालत चिंताजनक

ज्ञापन में सबसे पहले जिला संयुक्त चिकित्सालय चकिया में रेडियोलॉजिस्ट की स्थायी नियुक्ति की मांग की गई। बताया गया कि अल्ट्रासाउंड मशीन मौजूद होने के बावजूद विशेषज्ञ डॉक्टर की अनुपस्थिति के कारण गरीब मरीजों को महंगे निजी क्लीनिकों का सहारा लेना पड़ता है।

इसके अतिरिक्त सीटी स्कैन मशीन और प्रशिक्षित तकनीशियन की मांग भी की गई, ताकि गंभीर रोगों की समय रहते जांच संभव हो सके। साथ ही, आईसीयू की स्थापना को अत्यावश्यक बताते हुए कहा गया कि कई मरीजों की जान शुरुआती इलाज से ही बचाई जा सकती है, यदि पर्याप्त संसाधन हों।

यातायात व नगरीय ढांचे के सुदृढ़ीकरण पर बल

ज्ञापन में चकिया से वाराणसी और अन्य प्रमुख शहरों तक इलेक्ट्रिक रोडवेज बसों के संचालन की मांग भी उठाई गई। इससे छात्रों, व्यवसायियों और आम नागरिकों को बड़ी राहत मिलने की संभावना है।

नगर पंचायत की सीमा विस्तार की प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने, सड़कों की मरम्मत, नालियों के निर्माण, स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था और सार्वजनिक पार्कों के निर्माण को लेकर भी सुझाव दिए गए।

स्थानीय उद्योगों की स्थापना की मांग

ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि चकिया क्षेत्र में स्थानीय स्तर पर सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों की स्थापना की जाए, ताकि युवाओं को रोजगार और गरीब परिवारों को आत्मनिर्भरता मिल सके।

इस अवसर पर पूर्व प्रधान चेतन मौर्य समेत कई जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। ज्ञापन सौंपे जाने के बाद क्षेत्रीय जनता में आशा की किरण जगी है कि वर्षों से लंबित समस्याओं के समाधान की दिशा में अब ठोस कदम उठाए जाएंगे।

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