जहां पूरा देश स्वतंत्रता दिवस की 79वीं वर्षगांठ पर तिरंगे की शान में झूम रहा था, वहीं शहाबगंज कस्बा स्थित यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की शाखा पर तिरंगे का न फहराया जाना लोगों के बीच आक्रोश का विषय बन गया।
15 अगस्त की सुबह से ही सरकारी दफ्तरों, विद्यालयों, पंचायत भवनों, निजी संस्थानों व दुकानों पर तिरंगा लहराता रहा। चारों ओर देशभक्ति गीत गूंजते रहे, बच्चे हाथों में तिरंगा लिए सड़कों पर उमंग के साथ दौड़ते रहे। लेकिन यूनियन बैंक शहाबगंज की शाखा पर तिरंगे की अनुपस्थिति ने सबको हैरान कर दिया।
ग्राहकों और राहगीरों ने यह नजारा देखकर बैंक परिसर के बाहर तस्वीरें खींचीं और सोशल मीडिया पर वायरल कर दीं। देखते ही देखते यह मामला फेसबुक व व्हाट्सऐप ग्रुप्स पर गरमाने लगा।
स्थानीय व्यापारी नेता महमूद आलम ने कहा, “यह बेहद शर्मनाक है। राष्ट्रीयकृत बैंक होते हुए भी 15 अगस्त को तिरंगा न फहराना राष्ट्रीय पर्व का अपमान है। शाखा प्रबंधक को तुरंत जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।”
वहीं व्यापारी नेता सुरेंद्र मोदनवाल बोले, “राष्ट्रीय पर्व पर झंडारोहण महज़ औपचारिकता नहीं बल्कि हर नागरिक का कर्तव्य है। बैंक प्रबंधन का रवैया आपत्तिजनक है।”
लोगों का आरोप है कि यह सीधे तौर पर शाखा प्रबंधक की लापरवाही है, क्योंकि राष्ट्रीय पर्व पर झंडारोहण की तैयारी पहले से सुनिश्चित की जानी चाहिए थी। कई लोगों ने डीएम और एसपी से लिखित शिकायत कर बैंक प्रबंधक पर कार्रवाई की मांग की है।
सूत्रों के अनुसार बैंक प्रबंधन ने इसे “अनजाने में हुई गलती” बताया है। लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि देश के सम्मान और शहीदों के बलिदान से जुड़े मौकों पर लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं होती।
अब देखना है कि जिला प्रशासन इस मामले में क्या रुख अपनाता है। जनता का कहना है—👉 “तिरंगे के सम्मान से किसी भी स्तर पर समझौता स्वीकार्य नहीं। दोषी पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।”