पुरुष.महिला शादी की जगह व्यक्ति लिखे जाने की मांग, समलैंगिक विवाह को लेकर होंगे बदलाव….
पूर्वांचल पोस्ट न्यूज नेटवर्क
नई दिल्ली। 1954 समलैंगिक विवाह यानी पुरुष से पुरुष और स्त्री से स्त्री की शादी को कानूनी मान्यता देना चाहिए या नहीं, इसको लेकर सुप्रीम कोर्ट में लगातार सुनवाई चल रही है।
एक तरफ केंद्र सरकार विरोध में है तो वहीं याचिकाकर्ताओं ने इसे अपना श्मौलिक अधिकार बताया है। समलैंगिक विवाह को मान्यता दिए जाने के मामले में बार.बार स्पेशल मैरिज एक्ट 1954 की चर्चा हो रही है। याचिकाकर्ता ने मांग की है कि स्पेशल मैरिज एक्ट 1954 में बदलाव किया जाए। पहले जान लेते है कि आखिर स्पेशल मैरिज एक्ट होता क्या है और समलैंगिक विवाह को लेकर इसमें बदलाव करने की मांग क्यों की जा रही है।


