यहां निगरानी समिति के कर्मचारियों की ड्यूटी में फर्जीवाड़ा मृतक सेवानिवृत्त व त्यागपत्र दे चुके कर रहे काम फाेन नंबर भी गलत….

पूर्वांचल पोस्ट न्यूज नेटवर्क

लखीमपुर। कोरोना संक्रमण रोकने के लिए गांवों से लेकर शहर के सभी वार्डों में निगरानी समितयां गठित की गईं। इन समितियों को जिम्मेदारी दी गई कि डोर.टू.डोर जाकर सर्वे करें। कोरोना संक्रमण के लक्षण वाले जितने लोग मिलें उनको चिन्हित करें। जिससे उनकी जांच के बाद इलाज कराया जा सके लेकिन खीरी जिले में निगरानी समिति में लगे कर्मचारियों की ड्यूटी में जमकर फर्जीवाड़ा हो रहा है और जनता भगवान भरोसे हो गई है।

निगरानी समिति में नगर पालिका व नगर पंचायतों के कर्मचारी भी लगाए गए हैं। पहले दिन जब नगर पालिका के कर्मचारी सर्वे को पहुंचे तो उन्हें पता चला कि शिक्षक शिक्षामित्र अनुदेशक आंगनबाड़ी आशा आदि की ड्यूटी भी समिति में है। कर्मचारियों ने नगर पालिका व नगर पंचायतों को सूचना दी कि कितने कर्मचारी ड्यूटी पर नहीं गए। इसकी एक सूची तैयार की गई और एडीएम को भेज दी गई। नगर पालिका लखीमपुर ने 45 शिक्षक आंगनबाड़ी आशा की सूची 17 मई को तैयार कर भेजी। जिसमें इन कर्मचारियों के काम न करने की बात कही गई। साथ ही टिप्पणी भी लिखी गई जिसमें चौंकाने वाली बात पता चली। रिपोर्ट में बताया कि मृतक सेवानिवृत्त नौकरी से त्यागपत्र देने वालों की भी निगरानी समिति में ड्यूटी लगा दी गई है। जो फोन नम्बर दिया गया है वह नौ अंक का ही है। जिससे कर्मचारियों से सम्पर्क भी नहीं हो पा रहा है। कई शिक्षकों के मोबाइल नम्बर स्विच आफ आ रहे हैं। ड्यूटी पर न आने वाले शिक्षकों की यह सूची एडीएम के पास पहुंची तो वह भी भौचक रह गए। एडीएम कार्यालय ने बीएसए जिला कार्यक्रम अधिकारी व सीएमओ को पत्र लिखकर काम न करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति कर दी है। यह सूची जब विभागों को पहुंची तो वहां खलबली मची हुई है। मृतकों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाए नौकरी से त्यागपत्र दे चुके लोगों पर कैसे कार्रवाई हो और जो सेवानिवृत्त हैं उनके खिलाफ क्या कार्रवाई की जाए। यह जिम्मेदारों के लिए नई परेशानी खड़ी हो गई है। फिलहाल इसका जवाब किसी के पास नहीं है। मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।

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