पंचायत चुनावः प्रत्याशियों के मत बराबर हुए तो लाटरी से होगा जीत, हार का फैसला, जारी हुई स्पष्ट गाइडलाइन…..

पूर्वांचल पोस्ट न्यूज नेटवर्क

चंदौली। पंचायत चुनाव में यदि दो प्रत्याशियों को बराबर मत मिले तो जीत.हार का फैसला लाटरी प्रक्रिया के जरिए किया जाएगा। इसको लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट गाइडलाइन जारी की है। जिला निर्वाचन अधिकारी की मौजूदगी में लाटरी होगी। इसमें जिसका नाम निकलेगा। उसे विजयी घोषित करते हुए प्रमाण पत्र दिया जाएगा। चुनाव की अधिसूचना जारी होने के बाद प्रशासन चुनाव की तैयारी में जुटा है।

पंचायत चुनाव में एक.एक मत के लिए मारामारी होती है। प्रत्याशी मतदाताओं को अपने पाले में करने की कोशिश करते हैं। यहां तक कि परिवार में ही वोट बंट जाते हैं। मतदाता भी किसी को नाराज नहीं करना चाहते। ऐसे में यदि चुनाव मैदान में किस्मत आजमा रहे दो उम्मीदवार उनके अजीज निकले तो घर के मतदाताओं का वोट दोनों में बंट जाता है। इसके चलते कभी.कभी ऐसी स्थिति हो जाती है कि मतगणना के दौरान दो प्रत्याशियों के मत समान हो जाते हैं। ऐसे में जीत.हार का फैसला करना मुश्किल हो जाता है। इसको लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने गाइडलाइन जारी कर दी है।

इसके अनुसार यदि दो प्रत्याशियों के मत समान हुए तो लाटरी के जरिए जीत.हार का फैसला किया जाएगा। जिला निर्वाचन अधिकारी की मौजूदगी में लाटरी होगी। इसमें जिसका नाम निकला उसी प्रत्याशी को विजयी घोषित कर दिया जाएगा। दूसरा प्रत्याशी अथवा अन्य उम्मीदवार इस पर आपत्ति नहीं कर सकते। इस बार प्रधान, बीडीसी, ग्राम पंचायत व जिला पंचायत सदस्य पद के लिए एक साथ वोट पड़ेंगे। वहीं मतपत्र भी एक ही मतपेटी में डाले जाएंगे। मतगणना के दौरान मतपत्रों की पदवार छटनी कर अलग.अलग बंडल बनाए जाएंगे। इसके बाद इनकी गिनती होगी। सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी कैलाश यादव ने बताया कि मतगणना को लेकर आयोग की गाइडलाइन प्राप्त हो चुकी है। दो प्रत्याशियों के मत समान हुए तो लाटरी के जरिए जीत.हार का निर्णय होगा।

टेबल पर रहेंगे मतगणना अभिकर्ता

आयोग ने प्रत्याशियों को मतगणना टेबल पर अपने अभिकर्ता नियुक्त करने का अधिकार दिया है। इसके लिए मतगणना से पहले जिला निर्वाचन अथवा सहायक निर्वाचन अधिकारी दफ्तर में आवेदन करना होगा। निर्वाचन विभाग की अनुमति के बाद प्रत्याशी संबंधित व्यक्ति को अपना मतगणना अभिकर्ता बना सकता है।

प्रत्याशियों की सहूलियत के लिए ब्लाक स्तर पर मतगणना केंद्र बनाए जाएंगे। इसके लिए स्कूल व सार्वजनिक भवनों का चयन किया जा सकता है। हालांकि बोर्ड परीक्षा केंद्र बनाए गए विद्यालयों को मतगणना केंद्र न बनाने का निर्देश है। इससे परीक्षा प्रभावित हो सकती है।

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