1469 शराब की पेटियों के गबन के पीछे चूहों का हाथ, पढ़ें इस कोतवाली का अजब मामला…..

पूर्वांचल पोस्ट न्यूज नेटवर्क

आगरा। एटा कोतवाली देहात के शराब गबन के मामले की चल रही जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि चूहों ने ट्रक में भरी शराब की पेटियां कुतर दी थीं और प्लास्टिक की बोतलें काट दीं, इस कारण शराब फैल गई। इसका जिक्र लिखा.पढ़ी में है और तस्करा भी जीडी पर डाला गया था। जांच में यह सारी बातें सामने आ चुकी हैं।

वर्ष 2019 में शराब से भरा एक ट्रक ऐसा पकड़ा गया था। जिसमें चावल से भरी प्लास्टिक की बोरियां भी थीं। इन बोरियों को भी चूहों ने कुतर दिया। शराब की जो बोतलें चूहों ने काट दी थीं वह शराब फैल गई और चावल को भी नष्ट कर दिया। 26 फरवरी, 2020 को जब थाने के स्टाफ ने निरीक्षण किया तो ट्रक में शराब फैली हुई मिली और भारी दुर्गंध भी छूट रही थी। इसी दिन जीडी पर पेटियां नष्ट होने का तस्करा भी डाल दिया गया। जांच के दौरान गायब मिलीं 1459 पेटियां जो एक नहीं दस मुकदमों से संबंधित थीं। बाद में यह चर्चा भी रही कि गायब पेटियां 2400 तक पहुंच गईं हैं। लेकिन अधिकारिक पुष्टि कोई भी अधिकारी नहीं कर रहे। पुलिस सूत्रों के मुताबिक फरवरी 2020 से लेकर एक साल तक पांच बार और तस्करा डाला गया। 2019.20 में कुछ शराब का निस्तारण भी कराया गया। यह पेटियां गायब या चूहों द्वारा कुतरी गईं में से थीं या अन्य इसकी भी जांच चल रही है।

मामले के जांच अधिकारी एएसपी खैर विकास कुमार कई बार यहां आकर जांच कर चुके हैं। बता दें कि मामला सामने आने के बाद डीएम डा. विभा चहल व तत्कालीन एसएसपी सुनील कुमार सिंह ने देहात कोतवाली में छापा मारा था। इसके बाद मंडलायुक्त गौरव दयाल तथा तत्कालीन आइजी पीयूष मोर्डिया भी कोतवाली पहुंचे थे। इसके बाद तत्कालीन कोतवाली प्रभारी इंद्रेश पाल ङ्क्षसह व हेड मुहर्रिर को निलंबित कर दिया गया और एफआइआर भी दर्ज हुई। जांच अधिकारी एएसपी खैर ने बताया कि जांच के दौरान जब अभिलेख खंगाले गए तो तस्करा की बात सामने आई। जांच अभी भी जारी है। दूसरी तरफ एटा के कोई भी पुलिस अधिकारी जांच पूरी होने तक कुछ भी बोलने को तैयार नहीं, क्योंकि जांच दूसरे जिले के अधिकारी कर रहे हैं।

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