निजीकरण, महंगाई और कारपोरेट के खिलाफ आइपीएफ कार्यकर्ताओं ने नौगढ़ उपजिलाधिकारी कार्यालय के समक्ष किया प्रदर्शन किसान आंदोलन ने मोदी के कारपोरेटपरस्त चेहरे को किया बेनकाब- अजय राय

पूर्वांचल पोस्ट न्यूज नेटवर्क

नौगढ़, चंदौली। संयुक्त किसान मोर्चा और संयुक्त टेªड यूनियन्स के आवाहन पर आल इंडिया पीपुल्स फ्रंट, जय किसान आंदोलन से जुड़े मजदूर किसान मंच, के कार्यकर्ताओं ने निजीकरण, महंगाई और कारपोरेटपरस्त नीतियों के खिलाफ नौगढ़ में उपजिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन किया। कार्यक्रम के बारे में प्रेस को जानकारी देते हुए आज जारी बयान में आइपीएफ के राज्य कार्य समिति सदस्य अजय राय व मजदूर किसान मंच के जिला संयोजक रामेश्वर प्रसाद ने बताया कि प्रदर्शन कर महामहिम राष्ट्रपति को पत्रक भेजा। पत्रक में पेट्रोल, डीजल व रसोई गैस की बढ़ी कीमते वापस लेने, देश के सार्वजनिक उद्योगों व प्राकृतिक सम्पदा के निजीकरण को खत्म करने, किसान विरोधी तीनों काले कृषि कानूनों और मजदूर विरोधी लेबर कोड रद्द करने, विद्युत संशोधन विधेयक 2021 को वापस लेनेए वनाधिकार कानून के तहत जमीन का पट्टा देने, रोजगार के अधिकार को मौलिक अधिकार बनाने, मनरेगा में 150 दिन काम व बकाया मजदूरी के भुगतान और 181 वूमेन हेल्पलाइन को पूरी क्षमता से चलाने की मांगों को उठाया।
विरोध प्रदर्शनों में वक्ताओं ने कहा कि जारी किसान आंदोलन आज जनांदोलन बन चुका है। इस आंदोलन ने मोदी सरकार की कारपोरेट परस्त चेहरे को बेनकाब कर दिया है। देश में तानाशाही थोपने के जिस प्रोजेक्ट पर आरएसएस.भाजपा काम कर रहे थे किसान आंदोलन ने उनके मंसूबों को चकनाचूर कर दिया है। यहां तक की आरएसएस.भाजपा का लम्बे समय से आधार बने व्यापारी वर्ग ने भी जीएसटी और उत्पीड़न के खिलाफ अब आंदोलन शुरू कर दिया है। देश में इन आंदोलनों ने हर देशभक्त नागरिक के मन में आशा की किरण पैदा की है कि मोदी सरकार की देशी विदेशी कारपोरेट को देश बेचने मंशा कामयाब नहीं होगी।
कार्यक्रमों आई पी एफ राज्य कार्य समिति सदस्य अजय राय के आलावा रामेश्वर प्रसाद, रामदुलारे खरवार, रहीमुदीन, विभावरी देवी, निसार, वकिल अहमद, मौ ईशा, पाचु राम, रामसकल सकिल अहमद आदि शामिल रहें।

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