चंदौलीः रोजगार मेले में युवाओं का किया जा रहा है शोषण, मेले के नाम पर की जाती है कोरमपूर्ति, बेरोजगारों के साथ किया जा रहा है मजाक……

पूर्वांचल पोस्ट न्यूज नेटवर्क

कंपनी के पोस्टर पर 15 हजार से 35 हजार रहता है वेतन, ज्वानिंग करने पर हो जाता है 6 हजार

चंदौली। यूपी सरकार घर घर नौकरी देने के नाम पर प्रदेश भर में रोजगार मेले का आयोजन समय समय पर किया जा रहा है। रोजगार मेले में नौकरी देने के नाम पर बेरोजगारों का और शोषण किया जा रहा है। लेकिन इन रोजगार मेलों में कितने लोगों को नौकरी दी गई और उन्हें कितना वेतन दिया जाता है यह कभी सामने नहीं आया। केवल यह कंपनी के पोस्टर व बैनर तक ही सीमित रह जाता है। हम बात कर रहे हैं जनपद चंदौली में लगातार समय समय पर आयोजित होने वाले रोजगार मेले का। रोजगार मेले का नाम सुनकर बेरोजगार युवाओं में एक बार तो आस जरुर जगती है कि हम रोजगार मेले में पहुंचकर भाग लेंगे तो रोजगार मिल जायेगा। यहां तक की प्रक्रिया तो अच्छे से सिमट जाती है। लेकिन जब मेले में आई विभिन्न कंपनियां युवाओं से उनका रीज्यिूम जमा कराकर बोलती है कि आप के पास कंपनी का फोन 5 दिन के अंदर जायेगा और इंटर व्यू के लिए बुलाया जायेगा।

इतना सुनकर बेरोजगार युवा काफी उत्साहित होते हैं। लेकिन यह युवा कंपनी के फोन का महीनों इंतजार करते रह जाते हैं लेकिन फोन क्या एसएमएस तक भी नहीं आता है। माने तो बेरोजगार किसी तरह किराया इकठ्ठा कर व रीज्यिूम बनवाकर मेले में जाता है लेकिन फिर बाद में उसको निराशा हाथ लगती है। बतादें कि कुछ कंपनियां अपनी पर्सनल वेब साईड बनाकर मेले में पहुंचे युवाओं को बोलती है कि यह मेरा वेब साईड है इस पर आप तुरंत जाकर रजिस्ट्रेशन कराएं। मरता क्या नहीं करता जैसे कहावत को चरितार्थ करते हुए बेरोजगार युवा तत्काल साईब कैफे में पहुंचकर रजिस्ट्रेशन कराता है तो कंपनी के साईड पर 400 से लेकर 1200 तक की पोस्ट के अनुशार फीस ली जाती है। लेकिन फिर भी बेरोजगार युवा जैसे तैसे रजिस्ट्रेशन कराते हैं। लेकिन उसके बाद कंपनी का कोई अता पता नहीं चलता है। अब इसे क्या हैं रोजगार मेले में युवाओं को रोजगार मिल रहा है या फिर शोषण करके और बेरोजगार बनाया जा रहा है। बतादें कि 29 दिसंबर 2020 को आईटीआई कालेज रेवसां चंदौली में रोजगार मेले का आयोजन किया गया था। जिसमें विभिन्न कंपनियां सिरकत की थी। जिसमें एक कंपनी अपनी पर्सनल वेब साईड पर रजिस्ट्रेशन करवाकर युवाओं से खूब पैसा ऐठी। और रोजगार के नाम युवाओं को सिर्फ मिला तो रजिस्ट्रेशन का कापी। किसी भी कंपनी का फोन अभी तक युवाओं के पास नहीं पहुंचा। ऐसे ही बीते 22 जनवरी 2021 को भी रेवसां आईटीआई कालेज में विभिन्न कंपनियां रोजगार मेला लगाई थी। लेकिन इनका भी यही हाल रहा।

नौकरी के लिए रोजगार मेले में पहुंचे कुछ युवाओं ने बताया कि बहुत से बेरोजगार युवकों की इंटरव्यू मौके पर ली गई और कहा गया कि आप इंटरव्यू में तो पास हो गए हो आप बताएं आप 6 हजार रुपए महीना पर काम करने के लिए तैयार हो, किसी को कहा गया कि आप 5 हजार ले लो किसी को इससे थोड़ा कम या थोडा अधिक राशि पर काम करने के लिए कहा गया। रोजगार मेले में नौकरी हासिल करने गए युवक अधिकतर निराश होकर खाली हाथ लौट जाते हैं। अगर सरकारी तौर पर भी देखा जाए तो मजदूरी की कम से कम मजदूरी का डीसी रेट भी दो सौ रुपए से अधिक रोजाना का है। इस रोजगार मेले में तो बेरोजगारों को बुला कर सौ रुपए दिहाड़ी पर काम करने की पेशकश की जा रही है। इससे बडा मजाक बेरोजगारों के साथ और क्या हो सकता है। उन्होने कहा कि ऐसे ड्रामे कर बेरोजगारों का शोषण सरकार द्वारा किया जा रहा है। जिले के जिम्मेदार अधिकारी मेले का आयोजन कराकर सिर्फ फल्ला झाड़ ले रहे हैं। इन अधिकारियों को सिर्फ रोजगार मेले का आयोजन कर कागजी कोरम पूर्ति कर शासन को भेजना रहता है। और बेरोजगार को रोजगार मिला या फिर रोजगार मेले में क्या हो रहा है इसका कोई अता पता नहीं रहता है। केवल शाम को जैसे तैसे रिपोर्ट मिल जाती है कि इतना में इतना युवाओं को रोजगार दे दिया गया है। और लिस्ट बनाकर आगे फाइल बढ़ाकर वाहवाही लूटी जाती है।

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