चकियाः किसानों के लिए नहीं बल्कि उद्योग पतियों व व्यापारियों के हितों के लिए लाया गया है यह कानून-सपा जिलाध्यक्ष

पूर्वांचल पोस्ट न्यूज नेटवर्क

-बैरा जंगल में किसानों के साथ किया गया चर्चा

चकिया, चंदौली। कृषि से जुड़े हाल में ही बनाए गए नये कानून को लेकर पूरे देश में जगह-जगह आंदोलन व विरोध हो रहा है। वहीं किसानों द्वारा लगभग 53 दिन से दिल्ली में जबरदस्त आंदोलन किया जा रहा है। इसी बीच समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष सत्य नारायण राजभर ने शनिवार की दोपहर स्थानीय ब्लाक से सटे दिरेहुं गांव अंतर्गत बैरा जंगल में आयोजित किसान गोष्ठी में पहुंचकर किसान भाईयों के साथ बनाए गए कृषि कानून पर विस्तृत चर्चा किया। आयोजित गोष्ठी में एक-एक कर किसानों ने अपने-अपने विचार रखे।


दिरेहुं गांव के बैरा जंगल में आयोजित किसान गोष्ठी को संबोधित करते हुए सपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि सरकार जनता के हित में कोई भी कानून नहीं बना रही है। किसान अपने मंडी में ही अपना सामान बेचता है। जीवन निर्वाह के लिए हमारे किसान भाई खेती करते हैं। कोई भी स्थानीय किसान या चंदौली जनपद का किसान अपनी फसल बेचने के लिए बिहार, दिल्ली, पंजाब के बाजारों में अनाज बेचने नहीं जायेगा। व्यापारी ही फसल लेकर बाजार में जाते हैं। कुछ चंद उद्योगपतियों व बड़े व्यापारियों को ध्यान में रखकर यह कानून बनाया गया। सरकार को भोजन रोटी का पक्ष में खड़ा होना चाहिए तो वह आज व्यापारियों के साथ खड़ा है।
उन्होंने यह भी कहा कि जैसे घाटे में दिखाकर हवाई जहाज से लेकर अन्य सरकारी कंपनियों को निजी हाथों में दिया जा रहा है। वैसे ही आज इस कानून के माध्यम से खेती को भी निजी हाथों में दिया जा रहा हैं। खेती को बाजार के हाथों में देना पूरी तरह से गलत है। अगर सरकार सच में किसानों का भला चाहती है तो वे स्वामीनाथन रिपोर्ट के तहत एमएसपी को कानूनी अधिकार के रुप में लागू कर दें। कोई भी किसान भारत के किसी भी कोने में अपना सामन बेचेगा तो वह उसी रेट में ही बेचेगा।
वहीं वरिष्ठ समाजसेवी सुधाकर मौर्या ने कहा कि लाये गए यह तीनों कानून से कभी भी किसानों का भला नहीं होगा। किसान पहले से और भी बेवश व लाचार हो जायेगा। इससे काला बाजारी भी बढ़ जायेगी। एक कृषि कानून से किसानों से ज्यादा कारपोरेट को फायदा पहुंचेगा। इसमें अनेक खामिया हैं। आज मंदी के भी दौर में कृषि सेक्टर ने मजबूती के साथ साथ दिया है।
इस दौरान सपा जिला महासचिव नफीस अहमद, विधान सभा महासचिव सुबेदार मौर्या, सपा नेता मुश्ताक अहमद खां, रामकृत एडवोकेट, प्रीतम जायसवाल, बृजेश मौर्या, श्रीकांत मौर्या, भोला मौर्या, बृजेश कुमार, ओम प्रकाश मौर्या, बृजेश चैहान, ग्राम प्रधान चंद्रशेखर सहित अन्य किसान मौजूद रहें।

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