Sunday, September 27, 2026
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प्रेमानंद महाराज के शिष्य ने दी जान: ग्राइंडर से काटा प्राइवेट पार्ट, फिर छत से कूदा; सामने आया सीसीटीवी फुटेज

मथुरा /

 वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य दीपक उर्फ रसिक दुलारीशरण महाराज (25) के गऊ कृपाकुंज आश्रम की चौथी मंजिल से छलांग लगाकर आत्महत्या के मामले में पुलिस को अहम जानकारियां हाथ लगी हैं।

जांच में सामने आया है कि घटना शुक्रवार को सुबह करीब 10:30 बजे हुई और पुलिस को इसकी जानकारी करीब 12:30 बजे में मथुरा के एक अस्पताल से मिली। सूचना पर पहुंची पुलिस ने आश्रम पहुंचकर छानबीन की और सीसीटीवी फुटेज खंगाली हैं।

संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य दीपक गिरने का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिख रहा है कि रसिक दुलारीशरण महाराज चौथी मंजिल से अचानक सड़क पर पैरों के बल गिरते दिखाई दे रहे हैं, जैसे ही वो गिरते हैं उनका सिर सड़क से टकराता है और फट जाता है। रसिक तड़पने लगते हैं।

वहीं, दीपक की मौत की जानकारी पर जबलपुर से पहुंचे परिजन ने आश्रम प्रबंधन पर आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। पुलिस की जांच में सामने आया है कि दीपक उर्फ रसिक दुलारीशरण महाराज की जिंदगी चार मिनट में ही खत्म हो गई।

कमरे से निकलकर वह छत पर पहुंचे। कुछ मिनट बैठने और लेटने के बाद छत से नीचे कूद गए। नीचे गिरने के बाद मौके पर ही मौत हो गई। आश्रम के अन्य शिष्य उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।

सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के आधार पर पुलिस आत्महत्या मानकर जांच कर रही है। हालांकि पुलिस आत्महत्या से पहले प्राइवेट पार्ट काटने के जवाब भी तलाश रही है।

सीओ वृंदावन संदीप सिंह ने बताया कि गऊ कृपाकुंज आश्रम में रहने वाले अन्य शिष्यों से भी जानकारी जुटाई जा रही है। दीपक के कमरे से खून से सना ग्राइंडर और कटा हुआ अंग यह दर्शा रहा है कि इस ग्राइंडर से ही प्राइवेट पार्ट को नुकसान पहुंचाया गया है। कमरे में दीपक के अलावा कोई नहीं था।

साथ रहने वाला शिष्य काफी देर पहले कमरे से निकल गया था, वह भी सीसीटीवी कैमरे में कैद है। पुलिस ने फुटेज को सुरक्षित किया है। फॉरेंसिक टीम ने कमरे से लेकर कई जगहों के नमूने लिए हैं। चूंकि मामला संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य का है कि इसलिए पुलिस पूरे प्रकरण में गहनता से जांच कर रही है।

प्रेमानंद महाराज के शिष्य की मौत पर उठे सवाल, संतों ने की सीबीआई जांच की मांग
प्रेमानंद महाराज के शिष्य दीपक उर्फ रसिक दुलारीशरण महाराज के आश्रम की चौथी मंजिल से छलांग लगाकर आत्महत्या करने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। वृंदावन के साधु-संतों के बीच कई तरह की चर्चाएं हैं। संतों ने घटना की निष्पक्ष और गहन जांच की मांग की है।
उन्होंने आत्महत्या के लिए उकसाने की भी आशंका व्यक्त की है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर-मस्जिद प्रकरण में याचिकाकर्ता दिनेश फलाहारी महाराज ने कहा कि वृंदावन में देशभर से लाखों साधु-संत तपस्या और साधना के लिए आते हैं।

उन्होंने कहा कि यह भगवान श्रीकृष्ण की क्रीड़ा स्थली है और यहां इस तरह की घटना गंभीर चिंता का विषय है। दिनेश फलाहारी महाराज ने कहा साधु के शरीर पर चोट के निशान और कपड़ों पर खून के निशान मिलने की बात सामने आई है।

उन्होंने इन परिस्थितियों के आधार पर सीबीआई जांच कराने की मांग की है। वहीं महामंडलेश्वर राधानंद गिरी ने कहा कि प्रेमानंद महाराज के शिष्य के साथ कोई अनहोनी हुई है।

उन्होंने पूरे मामले की सघन जांच किए जाने की मांग है। महंत पवन गिरी महाराज ने कहा कि प्रथम दृष्टया इसे आत्महत्या मानना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि साधु-संतों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।

आश्रम की छत से कूदकर संत प्रेमानंद महाराज के साधक ने दी जान
मथुरा के वृंदावन के वराह घाट मार्ग पर गऊ कृपा कुंज आश्रम की छत से कूदकर संत प्रेमानंद महाराज के साधक (परिकर) ने जान दे दी। छत से नीचे गिरने के बाद अन्य साधक उन्हें अस्पताल लेकर गए लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। साधक का प्राइवेट पार्ट कटा हुआ था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और आश्रम पर जांच के लिए पहुंच गई। जांच के दौरान पुलिस ने फॉरेंसिक टीम को जांच के लिए बुलाया।
पुलिस के अनुसार, वराह घाट के पास गऊ कृपा कुंज के नाम से आश्रम हैं। यहां संत प्रेमानंद महाराज के करीब 40- 50 साधक रहते हैं। चार मंजिल के इस कुंज में रहकर साधक राधारानी की उपासना कर रहे हैं। शुक्रवार सुबह करीब 10:30 बजे आश्रम की चौथी मंजिल से एक साधक ने छलांग लगा दी। आश्रम से करीब छह फुट की दूरी पर वह सड़क पर गिरे। उनके गिरते ही अफरा तफरी मच गई।
उनकी पहचान जबलपुर के रहने वाले 25 वर्षीय दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारीशरण के रूप में हुई। आश्रम में रहने वाले अन्य साधक तुरंत ही गाड़ी से उन्हें अस्पताल लेकर भागे। यहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। साधक की धोती कमर से नीचे खून से लथपथ हो रही थी और उनके मुंह से खून निकल रहा था। चिकित्सकों ने जांच की तो देखा उनका प्राइवेट पार्ट कटा हुआ है।
सूचना मिलते ही थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने साधक के शव को पोस्टमार्टम गृह पर भेजा और जांच के लिए आश्रम पहुंच गई। थाना पुलिस की सूचना एसपी सिटी राजीव सिंह और सीओ वृंदावन संदीप सिंह भी पहुंच गए। एसपी सिटी राजीव कुमार सिंह ने बताया कि साधक के शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की जांच स्पष्ट हो जाएगी।

2025 से रहे थे जबलपुर के दीपक
संत प्रेमानंद महाराज को गुरु मानकर उनको अनुसरण करने के लिए 2025 में जबलपुर के दीपक वृंदावन आए। यहां आने के बाद वह यहां का ही होकर रहे गए। संत से दीक्षा लेने के बाद वह आश्रम की व्यवस्थाओं में सहयोग करने लगे तो वह अन्य साधकों के साथ रहने लगे।

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