रामलीला: राम की माला पहनते ही बेटे की बीमारी दूर हुई तब महाराजा उदित ने शुरू कराई रामलीला
वाराणसी/
काशी में 230 साल पुरानी रामनगर की रामलीला छह महाराजाओं का शाही शासन देख चुकी है। इसकी शुरुआत राम की माला पहनते ही बेटे की बीमारी दूर होने से हुई थी। ये बेटा था ईश्वरी नारायण और उनके पिता उदित नारायण। जब बेटे की बीमारी बनारस की एक रामलीला में मिली माला पहनने से ठीक हो गई तो महाराज उदित नारायण ने रामनगर में भी रामलीला की शुरुआत करवाई।
बीएचयू के पर्यटन आचार्य डॉ. राणा प्रवीन के मुताबिक बलवंत गार्गी की 1969 में प्रकाशित किताब ‘रामलीला इन रामनगर’ के अनुसार, महाराजा हर साल बनारस में होने वाली दूसरी रामलीला देखने जाते थे। एक बार उनके युवराज ईश्वरी नारायण सिंह बहुत बीमार पड़ गए। उनकी हालत इतनी खराब थी कि उनके ठीक होने की कोई उम्मीद नहीं बची थी।




