Tuesday, June 23, 2026
उत्तर-प्रदेश

बुद्ध के नाम पर कोहराम, अफवाहों ने आग में घी डाला, पथराव में दो सिपाही घायल, 10 गिरफ्तार

लखनऊ।

हरदोई जिले में बेनीगंज कोतवाली क्षेत्र के महुआ कोला गांव में खाली मंदिर में बुधवार को बिना अनुमति महात्मा बुद्ध की प्रतिमा स्थापित कर दी गई। जानकारी पर पहुंचे पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रतिमा हटाने के लिए ग्रामीणों को समझाया। देर रात पुलिस ने सख्ती की, तो ग्रामीणों ने हमला कर दिया। पथराव और हमले में दो सिपाही घायल हो गए, जबकि कई वाहनों के शीशे टूट गए।

पुलिस ने आंसू गैस का गोला छोड़कर 10 लोगों को गिरफ्तार कर लिया। मामले में कुल 38 लोगों को नामजद करते कई अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। प्रतिमा हटाकर बेनीगंज कोतवाली में रखवा दी गई है। गांव में तनाव देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात है। महुआ कोला निवासी पुत्तीलाल मौर्य ने अपनी निजी भूमि पर एक मंदिर का निर्माण तीन साल पहले कराया था।

कोई प्रतिमा या मूर्ति स्थापित नहीं थी
इस मंदिर में कोई प्रतिमा या मूर्ति स्थापित नहीं थी। बुधवार को दिन में लगभग 11 बजे लखनऊ के टेढ़ी पुलिया निवासी शिवम मौर्या ओम प्रकाश, रंजीत मौर्या, वृंदावन कॉलोनी निवासी मुकेश मौर्या गांव पहुंच गए। यहां इन लोगों ने पुत्ती लाल और उनके परिजन व ग्रामीणों के साथ मिलकर महात्मा बुद्ध की प्रतिमा मंदिर में स्थापित कर दी। इसकी जानकारी पर गांव में कुछ लोग आक्रोशित हो गए।

प्रतिमा स्थापित किए जाने की अनुमति संबंधी अभिलेख मांगे
गांव की महिला चौकीदार ने इसकी जानकारी कोतवाल सतीश कुमार को दी। कोतवाल ने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट संडीला नारायणी भाटिया और सीओ हरियावां अजीत चौहान को पूरे मामले की जानकारी दी। इस पर दोनों अधिकारी गांव पहुंचे और प्रतिमा स्थापित किए जाने की अनुमति संबंधी अभिलेख मांगे। पुत्ती लाल मौर्या और उनके सहयोगियों ने अनुमति न होने की जानकारी दी।

भीड़ में शामिल लोगों ने पथराव शुरू कर दिया

इसके बाद ग्रामीणों को समझाने की कवायद शुरू हुई। रात 11 बजे तक भी ग्रामीण नहीं माने, तो पुलिस ने सख्त रुख अपनाने की चेतावनी दी। इस बीच भीड़ में शामिल लोगों ने पथराव शुरू कर दिया। साथ ही मौके पर खड़े सरकारी वाहनों पर भी डंडे चलाने लगे। इससे मौके पर अफरातफरी मच गई। इसके बाद पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर आंसू गैस के गोले छोड़े तो भीड़ तितर-बितर हो गई।

10 लोगों को गिरफ्तार किया

इसके बाद पुलिस ने मौके से 10 लोगों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा ने बताया कि बेनीगंज कोतवाल सतीश कुमार की शिकायत पर 38 लोगों को नामजद करते हुए अज्ञात लोगों पर भी गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। गिरफ्तार किए गए लोगों को न्यायालय ने जेल भेज दिया। घटना में सिपाही भावना और अतुल घायल हुए हैं। दोनों का उपचार चल रहा है।

तीन साल पहले पांच जून को भी हुआ था प्रतिमा रखने का प्रयास

महुआ कोला में महात्मा बुद्ध की प्रतिमा स्थापित करने को लेकर पूर्व में भी विवाद हो चुका है। विश्वस्त सूत्र बताते हैं कि पांच जून 2023 को भी पुत्ती लाल ने अपने परिजन और कुछ ग्रामीणों के साथ मिलकर महात्मा बुद्ध की प्रतिमा इसी मंदिर में स्थापित कर दी थी। इसका पता चलने पर तत्कालीन अधिकारी मौके पर पहुंचे थे।

दो पक्षों के बीच गोली भी चल गई थी

विवाद के बाद प्रतिमा बेनीगंज कोतवाली में लाकर रख दी गई थी। मामले में पुत्ती लाल समेत कई लोगों पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी। ग्रामीणों का दावा है कि वर्ष 2011 में भी एक बार महात्मा बुद्ध की प्रतिमा को स्थापित करने की कोशिश में बवाल हुआ था। हालांकि तब यह मंदिर नहीं बना था, बल्कि गांव में बुद्ध बिहार में प्रतिमा स्थापित करने की कोशिश हुई थी। ग्रामीण बताते हैं कि तब दो पक्षों के बीच गोली भी चल गई थी।

अफवाहों ने आग में डाला घी, सख्ती न दिखाते तो जमकर पीटी जाती पुलिस

सोशल मीडिया के दौर में अफवाहों ने भी विवाद की आग में घी डाल दिया। अलग-अलग समाज के लोगों से जुड़े सोशल मीडिया अकाउंट्स पर पोस्ट डालने से लेकर गांव पहुंचने तक का आह्वान होने लगा। आलम यह हुआ कि प्रतिमा स्थापित करने वाले लोग और उनके सहयोगी पुलिस-प्रशासनिक अफसरों से भी उलझने लगे।

एक और प्राथमिकी दर्ज, 15 नामजद

बेनीगंज कोतवाली क्षेत्र के महुआ कोला में महात्मा बुद्ध की प्रतिमा स्थापित करने को लेकर हुए बवाल में एक और प्राथमिकी दर्ज की गई है। गांव निवासी अरविंद मौर्या ने 15 लोगों को नामजद करते हुए 30 अज्ञात लोगोंं पर भी प्राथमिकी दर्ज कराई है। बेनीगंज कोतवाली में दी गई शिकायत में बताया कि 27 मई की शाम वह गांव में मंदिर के पास अपनी भूमि पर मवेशी बांध रहे थे।

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