
लखनऊ।
हरदोई जिले में बेनीगंज कोतवाली क्षेत्र के महुआ कोला गांव में खाली मंदिर में बुधवार को बिना अनुमति महात्मा बुद्ध की प्रतिमा स्थापित कर दी गई। जानकारी पर पहुंचे पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रतिमा हटाने के लिए ग्रामीणों को समझाया। देर रात पुलिस ने सख्ती की, तो ग्रामीणों ने हमला कर दिया। पथराव और हमले में दो सिपाही घायल हो गए, जबकि कई वाहनों के शीशे टूट गए।
पुलिस ने आंसू गैस का गोला छोड़कर 10 लोगों को गिरफ्तार कर लिया। मामले में कुल 38 लोगों को नामजद करते कई अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। प्रतिमा हटाकर बेनीगंज कोतवाली में रखवा दी गई है। गांव में तनाव देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात है। महुआ कोला निवासी पुत्तीलाल मौर्य ने अपनी निजी भूमि पर एक मंदिर का निर्माण तीन साल पहले कराया था।

कोई प्रतिमा या मूर्ति स्थापित नहीं थी
इस मंदिर में कोई प्रतिमा या मूर्ति स्थापित नहीं थी। बुधवार को दिन में लगभग 11 बजे लखनऊ के टेढ़ी पुलिया निवासी शिवम मौर्या ओम प्रकाश, रंजीत मौर्या, वृंदावन कॉलोनी निवासी मुकेश मौर्या गांव पहुंच गए। यहां इन लोगों ने पुत्ती लाल और उनके परिजन व ग्रामीणों के साथ मिलकर महात्मा बुद्ध की प्रतिमा मंदिर में स्थापित कर दी। इसकी जानकारी पर गांव में कुछ लोग आक्रोशित हो गए।
प्रतिमा स्थापित किए जाने की अनुमति संबंधी अभिलेख मांगे
गांव की महिला चौकीदार ने इसकी जानकारी कोतवाल सतीश कुमार को दी। कोतवाल ने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट संडीला नारायणी भाटिया और सीओ हरियावां अजीत चौहान को पूरे मामले की जानकारी दी। इस पर दोनों अधिकारी गांव पहुंचे और प्रतिमा स्थापित किए जाने की अनुमति संबंधी अभिलेख मांगे। पुत्ती लाल मौर्या और उनके सहयोगियों ने अनुमति न होने की जानकारी दी।

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