Monday, August 3, 2026
उत्तर-प्रदेशचंदौली

चंदौली – अब बाहर नहीं जाना पड़ेगा: बाबा कीनाराम मेडिकल कॉलेज में कम शुल्क पर जांच सुविधाओं की शुरुआत……. मरीजों को मिला सौगात, 5 यह नया जांच होगा अब….रंग लाया प्रयास , प्रिंसिपल के निर्देशन में मरीजहित में लिया गया निर्णय

सेंट्रल लैब 24 घंटे संचालित, ओपीडी जांच फिलहाल दोपहर 2 बजे तक  

चंदौली।

बाबा कीनाराम स्वशासी राज्य मेडिकल कॉलेज में इलाज कराने आने वाले मरीजों के लिए बड़ी राहत की खबर है। कॉलेज प्रशासन के प्रयास से जांच सुविधाओं का दायरा बढ़ा दिया गया है। अब कई जरूरी और महंगी जांचें मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अस्पताल में ही कम से कम शुल्क पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। इससे मरीजों को मुगलसराय, वाराणसी या अन्य शहरों के निजी जांच केंद्रों का रुख नहीं करना पड़ेगा। जांच शुल्क की सूची ओपीडी काउंटर और जांच घर के बाहर चस्पा कर दी गई है।

कॉलेज की उप प्रधानाचार्य डॉ. नैंसी पारुल ने बताया कि मरीजों की सुविधा को देखते हुए ओपीडी में ही जांच की व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि सेंट्रल लैब 24 घंटे संचालित रहती है, हालांकि ओपीडी से जुड़ी यह विशेष जांच सुविधा फिलहाल दोपहर 2 बजे तक ही उपलब्ध कराई जा रही है।

उन्होंने कहा कि शुरुआत में समय-सीमा इसलिए तय की गई है ताकि मरीजों की संख्या और उनकी प्रतिक्रिया का आकलन किया जा सके। ओपीडी में बढ़ती भीड़ और जरूरत को देखते हुए आगे चलकर जांच की समय-सारिणी में संशोधन किया जाएगा।

उप प्रधानाचार्य ने बताया कि नई व्यवस्था लागू होने से मरीजों को जांच के लिए बाहर भटकना नहीं पड़ेगा। अब ओपीडी में आने वाले मरीजों की सभी आवश्यक जांचें अस्पताल परिसर स्थित जांच घर में ही की जाएंगी, जिससे समय और धन दोनों की बचत होगी और इलाज में भी तेजी आएगी।

उन्होंने यह भी बताया कि अब तक इन्हीं जांचों के लिए मरीजों को मुगलसराय, वाराणसी या निजी जांच केंद्रों में जाना पड़ता था, जिससे अतिरिक्त खर्च और परेशानी बढ़ जाती थी। मेडिकल कॉलेज के जिला अस्पताल से संबद्ध होने के बाद मरीजों को लगातार नई सुविधाएं मिलने लगी हैं, जिससे सरकारी स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक सुदृढ़ हो रही हैं।

इन जांचों की सुविधा हुई शामिल

बाबा कीनाराम स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय से संबद्ध पंडित कमलापति त्रिपाठी जिला चिकित्सालय, चंदौली के सेंट्रल लैब (केन्द्रीय परीक्षण केंद्र) में अब निम्न जांचें कम शुल्क पर की जाएंगी—विटामिन डी (25 OH D),प्रोलैक्टिन, सक्रिय विटामिन बी-12 (Active B12), फेरिटिन , एफएसएच (फॉलिकल स्टिमुलेटिंग हार्मोन)।

डॉ. नैंसी पारुल ने बताया कि यह महत्वपूर्ण निर्णय प्राचार्य महोदय के निर्देशन में मरीजों के हित को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। इन सुविधाओं के जुड़ने से जिले के मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी और अब इलाज के लिए बाहर जाने की मजबूरी भी खत्म होगी।

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