चंदौली जिले में 1 सितंबर से एक माह के लिए चलने जा रहा है बड़ा अभियान ………अब नहीं चलेगा बहाने बाजी,, नो हेलमेट-नो फ्यूल ,, रखी जाएगी कड़ी नजर, जागरूकता व कड़ाई, दोनों के साथ चलेगा – एआरटीओ
हेलमेट पहले, ईंधन बाद में – शासन का संकल्प
जनपद में स्थित 126 पेट्रोल टंकियों पर प्रशासन इस बार रखेगी विशेष नजर
यह अभियान जागरूकता व कड़ाई, दोनों के साथ चलेगा – एआरटीओ
चंदौली। प्रदेश सरकार के आदेश पर जनपद में 1 से 30 सितम्बर तक ‘नो हेलमेट, नो फ्यूल’ विशेष सड़क सुरक्षा अभियान चलाया जाएगा। जिलाधिकारी के नेतृत्व व जिला सड़क सुरक्षा समिति (DRSC) के समन्वय से यह पहल जनहित में आगे बढ़ाई जाएगी। अभियान के दौरान पुलिस, राजस्व/जिला प्रशासन व परिवहन विभाग प्रवर्तन की जिम्मेदारी निभाएँगे।
एआरटीओ प्रशासन डॉ. सर्वेश गौतम ने आमजन से अपील की है कि सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए हेलमेट पहनना अपनी आदत बनाएं। उन्होंने कहा कि “नो हेलमेट, नो फ्यूल दंड नहीं, बल्कि सुरक्षा का संकल्प है। हेलमेट पहनना जीवन का सबसे सरल बीमा है।”
मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 129 के अनुसार दोपहिया चालक व सवार दोनों के लिए हेलमेट अनिवार्य है। वहीं धारा 194D उल्लंघन पर दंड का प्रावधान करती है। सर्वोच्च न्यायालय की सड़क सुरक्षा समिति ने भी राज्यों को हेलमेट अनुपालन पर जोर देने की सिफारिश की है। ऐसे में सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस अभियान का उद्देश्य लोगों को दंडित करना नहीं, बल्कि सुरक्षित व्यवहार के लिए प्रेरित करना है।
जनपद के सभी पेट्रोल पंपों पर कड़ी निगरानी
तेल कंपनियाँ—IOCL, BPCL व HPCL तथा पेट्रोल पंप संचालकों से सक्रिय सहयोग का अनुरोध किया गया है। खाद्य एवं रसद विभाग की निगरानी में पेट्रोल पंप स्तर पर अभियान सख्ती से लागू होगा। साथ ही सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग जनजागरूकता बढ़ाने में सहयोग करेगा।
गौरतलब है कि जनपद में “नो हेलमेट-नो पेट्रोल” अभियान की शुरुआत बीते 26 जनवरी 2025 को तत्कालीन जिलाधिकारी निखिल टी. फुंडे ने की थी। अब इसमें और विभागों की सक्रिय भागीदारी से अभियान को और मजबूती दी जाएगी।
इस सम्बन्ध में एआरटीओ डा सर्वेश गौतम ने कहा कि हेलमेट लगाने की आदत विकसित होने से ईंधन बिक्री पर कोई प्रतिकूल असर नहीं पड़ता। बल्कि इससे सड़क दुर्घटनाओं में मौत और गंभीर चोटों को रोकने में बड़ी मदद मिलती है। उन्होंने नागरिकों, पेट्रोल पंप संचालकों और तेल कंपनियों से अपील की—“हेलमेट पहले, ईंधन बाद में को नियम बनाएं और सुरक्षित जीवन का संकल्प लें।”














