Tuesday, June 23, 2026
उत्तर-प्रदेशचंदौली

चकिया – जब नगर पंचायत ने निभाया 112 साल की परम्परा, भीड़ ने बताया कजरी का महत्व……. विधायक, चेयरमैन व पावर ग्रिड के निदेशक ने किया शुभारंभ,, DM, सांसद, राज्यसभा सांसद, मुगलसराय विधायक ने सुना ऐतिहासिक कजरी,, देर रात तक चला,150 से अधिक विशिष्ट को मिला सम्मान……. सांसद भी दिखे पुराने अंदाज में, पिया मेंहदी लिया दा मोतीझील से,जाके साईकिल से ना

कजरी केवल लोकगीत नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना एवं सांस्कृतिक धरोहर का जीवंत स्वरूप है- विधायक 

कजरी महोत्सव में कलाकारों ने बिखेरा जलवा

श्रीकृष्ण की बरही के उपलक्ष्य में नगर पंचायत द्वारा हुआ आयोजन

चकिया, चंदौली।

सांस्कृतिक विरासत और ऐतिहासिक परंपरा के संरक्षण के उद्देश्य से नगर पंचायत चकिया की ओर से शुक्रवार को उपजिलाधिकारी आवास परिसर में भव्य कजरी महोत्सव का आयोजन किया गया। मेला लतीफशाह के अवसर पर प्रतिवर्ष आयोजित होने वाला यह महोत्सव इस बार श्रीकृष्ण की बरही के उपलक्ष्य में 112वें वर्ष में प्रवेश कर गया।

कजरी महोत्सव का उद्घाटन क्षेत्रीय विधायक कैलाश आचार्य तथा उपजिलाधिकारी विनय कुमार मिश्रा, चेयरमैन गौरव श्रीवास्तव, भाजपा जिलाध्यक्ष काशी नाथ सिंह, पावर ग्रिड के संयुक्त निदेशक शिव तपस्या पासवान ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर एवं फीता काटकर किया।

देर रात को परिणाम घोषित किया गया।प्रथम स्थान पर बबलू बावरा 120 अंक प्राप्त किए, दूसरे स्थान पर शाहिद अली 112 अंक पर व तीसरे स्थान पर रोशन अली 90 अंक प्राप्त कर प्रणाम पत्र व स्मृति चिन्ह चेयरमैन व एसडीएम के हाथों प्राप्त किए। सन्त्वना पुरस्कार के लिए में मंगला चौहान, हिना परवीन, राधेश्याम, सोहनलाल मौर्य, अंकित दिवाना, अवधेश, मंगल मधुर, महेंद्र, खुशबू, शंकर तिलौरी ने प्राप्त किए।

एतिहासिक कजरी महोत्सव को सम्बोधित करते विधायक ने कहा कि “कजरी भारतीय संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है, जिसे संरक्षित कर आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। नगर पंचायत इस धरोहर के संरक्षण में निरंतर प्रयासरत है।” 112 साल से परम्परा निभाया था रहा हैं। यहां मौजूद भीड़ को देखकर यह विश्वास हो रहा है कि कजरी यहां लोगों के दिलों में बसता हैं। मेला की परम्परा हमारे समाज में लोगों को जोड़ती हैं।

इस अवसर पर जिलाधिकारी चंद मोहन गर्ग ने कहा कि “कजरी केवल लोकगीत नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना एवं सांस्कृतिक धरोहर का जीवंत स्वरूप है। इसे नई पीढ़ी तक पहुँचाना और सुरक्षित रखना आवश्यक है। ऐसे आयोजन न केवल कलाकारों को मंच प्रदान करते हैं, बल्कि भारतीय संस्कृति की जड़ों को भी सुदृढ़ करते हैं।”

महोत्सव में पूर्वांचल तथा बिहार प्रांत से आए कलाकारों ने विषय आधारित कजरी प्रस्तुत कर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। प्रतियोगिता का विषय “मानत बात से नाहीं, बदल दो फिर तस्वीर जवानों, मान जा कहनवा सजनवा, केशव करुण पुकार सुन, चहुंदिशी पानी पानी कइलेस ना और हिंदी हिंदुस्तान कहां बा” रखा गया था। कलाकारों की सधी हुई आवाज़ और लोकधुनों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय और सांस्कृतिक रंगों से सराबोर कर दिया।

कलाकारों की शानदार प्रस्तुति

महोत्सव में अवधेश सिंह, मंगला सिंह चौहान, रोजन अली, गरिमा यादव, शंकर यादव टाइगर और बबलू बांवरा सहित दर्जनों कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। प्रतियोगिता में कुल 54 कलाकारों ने पंजीकरण कराया था। निर्णायक मंडल में मनोज द्विवेदी, हरबंश सिंह बवाल और स्वतंत्र कुमार श्रीवास्तव सम्मिलित रहे। नगर पंचायत द्वारा सिकंदरपुर ग्राम प्रधान सीमा गुप्ता को सम्मानित किया गया। सांसद, विधायक ने निदेशक ने प्रधान का हौसला बढ़ाया। 15 अगस्त को लाल किला पर प्रधान को आमंत्रित किया गया था।

समारोह में राज्यसभा सांसद साधना सिंह, विधायक मुगलसराय रमेश जायसवाल , सांसद छोटेलाल सिंह खरवार, भाजपा जिलाध्यक्ष काशीनाथ सिंह, पूर्व विधायक शिव तपस्या पासवान, पूर्व विधायक जितेंद्र कुमार एडवोकेट, वृक्ष बंधु परशुराम सिंह, भाजपा जिला महामंत्री उमाशंकर सिंह एडवोकेट, अभिषेक मिश्रा, सुधाकर कुशवाहा, शिव रतन गुप्ता, सभासद मीना विश्वकर्मा, ज्योति गुप्ता, बादल सोनकर, अमरदीप मोदनवाल, विजय वर्मा, उमेश चौहान, रवि गुप्ता, केशरी नन्दन, मंडल अध्यक्ष आशु गुप्ता, सत्य प्रकाश गुप्ता, अजय राय, एकरामुल हक, रोहित विश्वकर्मा, मुकेश श्रीवास्तव, राकेश रोशन, प्रकाश विश्वकर्मा समेत बड़ी संख्या में गणमान्य लोग मौजूद रहे।

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