चकिया- ब्लाक क्षेत्र में 195 टीमें लगी हैं, 28 अगस्त तक ही लास्ट लेट…….फाइलेरिया भगाने के लिए सभी खाएं दवा, निशुल्क मिल रहा है – प्रधान ,, टीम डोर टू डोर जाकर लोगों को खिला रही है दवा – CHO
अमरा उत्तरी में फाइलेरिया उन्मूलन पर हुई समीक्षा बैठक
10 से 28 अगस्त तक चलेगा जागरूकता अभियान
चकिया, चंदौली। आयुष्मान आरोग्य मंदिर अमरा उत्तरी के परिसर में मंगलवार को फाइलेरिया उन्मूलन अभियान को लेकर पीएसपी (पब्लिक सपोर्ट प्रोग्राम) सदस्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता ग्राम प्रधान राजेश कुमार बिन्द ने की। इस दौरान आगामी जागरूकता कार्यक्रम की रूपरेखा पर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में समीक्षा प्रभारी दिवाकर (सीफार) एवं सीएचओ रिंकी ने बताया कि “फाइलेरिया एक गंभीर और लाइलाज बीमारी है, जो क्यूलेक्स मच्छर के काटने से फैलती है। इससे बचाव का एकमात्र उपाय है समय पर दवा का सेवन और सतर्कता।”
उन्होंने बताया कि 10 अगस्त से 28 अगस्त तक गांव में विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इसमें आशा कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी, एएनएम, कोटेदार, वालेंटियर और पीएसपी सदस्य घर-घर जाकर लोगों को फाइलेरिया से बचाव के उपाय बताएंगे और दवा का वितरण करेंगे। विशेष तौर पर एक वर्ष से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती महिलाओं और गंभीर बीमारियों से ग्रसित लोगों को यह दवा नहीं दी जाएगी।

सीएचओ रिंकी ने कहा कि “फाइलेरिया बीमारी लंबे समय तक पहचान में नहीं आती और धीरे-धीरे विकलांगता का कारण बनती है। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को दवा का सेवन करना चाहिए। यह अभियान तभी सफल होगा जब लोग इसमें सक्रिय रूप से भागीदारी करेंगे।” हमारी कोशिश है कि अमरा उत्तरी का कोई भी व्यक्ति इस बीमारी की चपेट में न आए। इसके लिए सभी आशा कार्यकर्ताओं, आंगनबाड़ी और वालेंटियर्स को निर्देशित किया गया है कि वे घर-घर जाकर लोगों को दवा खिलाएं और उन्हें इस बीमारी के प्रति सचेत करें।
ग्रामीणों से मेरी अपील है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और स्वास्थ्य विभाग के निर्देशों का पालन करें। दवा खाने से कोई नुकसान नहीं होता, बल्कि यह जीवनभर के लिए सुरक्षा कवच प्रदान करती है। हमारा लक्ष्य है कि यह अभियान सौ फीसदी सफल हो और अमरा उत्तरी फाइलेरिया मुक्त गांव के रूप में पहचाना जाए।” हाथी पांव यानि फाइलेरिया क्यूलेक्स मच्छर के काटने से होता हैं।
वहीं ग्राम प्रधान राजेश कुमार बिन्द ने कहा कि “गांव की खुशहाली और हर परिवार के स्वस्थ जीवन के लिए यह अभियान बेहद महत्वपूर्ण है। फाइलेरिया जैसी गंभीर बीमारी से बचाव केवल दवा और जागरूकता से ही संभव है।
इस बैठक में हरिहर , आशा संगिनी रितु पाल , नीलम देवी, पूनम सिंह , उषा देवी, पूनम, विद्यावती देवी एनम प्रीति कुशवाहा, पीएसपी सदस्य, कोटेदार समूह और ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

















