सोशल मीडिया से जागा प्रशासन : चार घंटे बाद पहुंची रोडवेज बस
चकिया में 20 दिनों से ठप बस सेवा, रक्षाबंधन पर महिलाओं को नहीं मिला मुफ्त सफर का लाभ
चकिया। रक्षाबंधन के पावन पर्व पर प्रदेश सरकार ने 8 अगस्त सुबह 6 बजे से 10 अगस्त रात 12 बजे तक महिलाओं और बहनों के लिए रोडवेज बसों में निःशुल्क यात्रा की घोषणा की थी। लेकिन रक्षामंत्री के गृह नगर चकिया में यह योजना महज़ कागज़ों तक ही सीमित रही।
चकिया, मुगलसराय, नौगढ़ और लंका रूट की किसी भी महिला को इस योजना का लाभ नहीं मिल सका। वजह साफ है — पिछले 20 दिनों से चकिया डिपो से कोई भी रोडवेज बस संचालित नहीं हो रही।
स्टेशन पर घंटों इंतजार
रक्षाबंधन के दिन कई माताएं और बहनें सुबह से ही बस स्टेशन पहुंचीं, इस उम्मीद में कि उन्हें मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार मुफ्त यात्रा मिलेगी। लेकिन न बस आई और न कोई जिम्मेदार कर्मचारी मौजूद रहा जो सेवा बंद होने की जानकारी दे सके। निराश महिलाएं घंटों इंतजार के बाद लौटने को मजबूर हुईं।
दो बार मंत्री से मुलाकात, नतीजा शून्य
स्थानीय विधायक कैलाश आचार्य इस मामले को लेकर परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह से दो बार मुलाकात कर चुके हैं। मंत्री ने संचालन जल्द बहाल करने का आश्वासन दिया, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई है।
सोशल मीडिया पर बधाई, हकीकत में नाकामी
सरकार की घोषणा के बाद क्षेत्रीय नेताओं और जनप्रतिनिधियों ने सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री को बधाई संदेशों की बाढ़ ला दी, मगर अपने ही क्षेत्र की महिलाओं तक सुविधा पहुंचाने में पूरी तरह नाकाम रहे। नतीजा यह हुआ कि ‘फ्री सफर’ का सरकारी तोहफा चकिया की महिलाओं के लिए अधूरा सपना बनकर रह गया।
खबर का असर
मामला सोशल मीडिया पर उछलने के बाद प्रशासन हरकत में आया। खबर चलने के चार घंटे बाद एक रोडवेज बस स्टेशन पर पहुंची और फिर नई बस का संचालन शुरू किया गया। हालांकि, यात्रियों का कहना है कि नियमित सेवा बहाल होने तक परेशानी बनी रहेगी।


