होमियोपैथिक दवा बनाने की आड़ में नकली शराब बनाने की फैक्ट्री का भंडाफोड़, पुलिस ने 7 लोगों को किया गिरफ्तार
फुलवारीशरीफ। पटना के संपतचक बैरिया बस स्टैंड के सामने एक गोदाम में टोमेटो सास और होमियोपैथिक दवा बनाने के नाम पर नकली शराब निर्माण फैक्ट्री चल रही थी। पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर उत्पाद विभाग की पुलिस ने दो दिनों की रेकी करने के बाद गोदाम में छापेमारी कर सात शराब तस्करों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने यहां से नकली शराब बनाने की दो मशीनों के साथ भारी मात्रा में स्प्रिट व अन्य सामाग्री भी बरामद की है। गिरफ्तार लोगों से पुलिस टीम पूछताछ कर रही है।

सहायक आयुक्त उत्पाद विभाग प्रेम प्रकाश ने बताया कि संपतचक पटना बैरिया बस स्टैंड के समीप मेट्रो पिलर नंबर -169 के पश्चिम एक गोदाम में छापेमारी के दौरान नकली शराब बनाने की फैक्ट्री पकड़ी गई। यह कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर की गई। पुलिस दो दिनों से रेकी कर रही थी।
250 बोरे में रखे विभिन्न ब्रांड के खाली बोतल जब्त
उन्होंने बताया कि होमियोपैथिक दवा और टोमेटो सास बनाने के नाम पर तस्कर यहां शराब बनवाकर राजधानी और आसपास के इलाके में बेचते थे। यहां से शराब निर्माण में प्रयोग की जान वाली भारी मात्रा में स्प्रीट सामग्री बरामद की गई है जिसमें लगभग 250 बोरे में विभिन्न ब्रांड के खाली बोतल जब्त किया गई ।
खाली बोतलों की संख्या लगभग 20,000 के आसपास है। इसके अलावा एक ड्रम में करीब 200 लीटर स्प्रिट मिला। पूछताछ में पता चला कि होमयोपैथिक दवा के उपयोग के नाम कर स्प्रिट मंगवाई जा रही थी।
होमियोपैथिक दवाओ में एबीस निगरा, फेरीयम फास्फोरिकम, ग्रैफाइटिस 30, सिलिका बोल, डल कमरा होमियोपैथिक दवा व्हीजल होमियों फार्मा के रैपर लगे कई कार्टन के नाम पर स्प्रिट उत्तराखण्ड, देहरादून से मंगवाया जा रहा था। गिरफ्तारी के समय शराब बनाने का काम किया जा रहा था।


