सावित्रीबाई फुले स्नातकोत्तर महाविद्यालय में 9.60 करोड़ की लागत से विज्ञान भवन निर्माण को मंजूरी
10 अगस्त को होगा भूमि पूजन
. 1 करोड़ की धनराशि जारी
पांच विषयों के साथ बीएससी खोले जाने की मिली अनुमति
मुख्यमंत्री से मिले विधायक, रखी बात
सालों की मांग को लगा पंख
सरकारें बदलती थी पर मांग रहे जाता था अधूरा
प्रशांत कुमार
भारत एकता टाइम्स/ चकिया, चंदौली । चकिया क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही विज्ञान वर्ग के उच्च शिक्षा की मांग आखिरकार पूरी होने जा रही है। सावित्रीबाई फुले स्नातकोत्तर महाविद्यालय में बीएससी कक्षाओं के संचालन के लिए प्रदेश सरकार ने 9 करोड़ 60 लाख की लागत से विज्ञान संकाय निर्माण को मंजूरी देते हुए बजट का प्रावधान कर दिया है। महाविद्यालय परिसर में प्राचार्य आवास के बगल में विज्ञान वर्ग के भवन का खाका तैयार कर लिया गया है।
इस बहुप्रतीक्षित परियोजना का भूमि पूजन 10 अगस्त सोमवार को चकिया विधायक कैलाश प्रसाद आचार्य तथा नोएडा विधायक एवं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के पुत्र पंकज सिंह द्वारा किया जाएगा।
करीब पांच दशक पहले 1970 के दशक में चकिया में राजकीय महाविद्यालय की स्थापना हुई थी। तब से महाविद्यालय में केवल कला संकाय की पढ़ाई होने के कारण विज्ञान वर्ग के विद्यार्थियों को बीएससी की पढ़ाई के लिए वाराणसी, धानापुर और अन्य शहरों का रुख करना पड़ता था। स्थानीय जनता, छात्र-छात्राओं तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा लगातार विज्ञान वर्ग की कक्षाएं शुरू कराने की मांग उठाई जाती रही। यह मुद्दा लगभग हर चुनाव में प्रमुख चुनावी विषय भी बनता रहा, लेकिन वर्षों तक घोषणाओं के बावजूद कोई ठोस पहल नहीं हो सकी।
इस बीच चकिया विधायक कैलाश आचार्य ने इस मांग को गंभीरता से उठाते हुए प्रदेश सरकार के समक्ष लगातार पैरवी की। उन्होंने कई अवसरों पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर चकिया और नौगढ़ जैसे अति पिछड़े तहसील क्षेत्र के विद्यार्थियों के हित में महाविद्यालय में विज्ञान संकाय शुरू कराने का आग्रह किया। विधायक के सतत प्रयासों के बाद सरकार ने भवन निर्माण की स्वीकृति के साथ 9.60 करोड़ का बजट उपलब्ध कराया। जिससे अब बीएससी कक्षाओं के संचालन का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।
परियोजना को मंजूरी मिलने की सूचना के बाद पूरे चकिया और नौगढ़ क्षेत्र में खुशी का माहौल है। छात्रों, अभिभावकों व शिक्षाविदों ने इसे क्षेत्र की उच्च शिक्षा के विकास की दिशा में ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए विधायक कैलाश आचार्य के प्रयासों की सराहना की। लोगों का कहना है कि विज्ञान संकाय शुरू होने के बाद अब चकिया व नौगढ़ तहसील के विद्यार्थियों को बीएससी की पढ़ाई के लिए वाराणसी या धानापुर नहीं जाना पड़ेगा । जिससे समय व आर्थिक संसाधन दोनों की बचत होगी । स्थानीय स्तर पर ही गुणवत्तापूर्ण विज्ञान शिक्षा उपलब्ध हो सकेगी।
चकिया विधायक कैलाश प्रसाद आचार्य ने कहा कि चकिया और नौगढ़ क्षेत्र के विद्यार्थियों की वर्षों पुरानी मांग अब पूरी होने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से लगातार आग्रह करने के बाद विज्ञान भवन निर्माण और बी.एससी. की स्वीकृति मिली है। इससे अब छात्रों को विज्ञान की पढ़ाई के लिए दूसरे शहरों में नहीं जाना पड़ेगा। यह क्षेत्र की उच्च शिक्षा के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि और हजारों विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। टेंडर प्रक्रिया पूरी कर लिया गया है। शिलान्यास बाद काम शुरू हो जायेगा।
प्राचार्य डॉ. संगीता सिन्हा ने कहा, “शासन द्वारा हमारे महाविद्यालय में बी.एससी. पाठ्यक्रम संचालित किए जाने की अनुमति प्रदान कर दी गई है। इसके अंतर्गत भौतिक विज्ञान (Physics), रसायन विज्ञान (Chemistry), गणित (Mathematics), वनस्पति विज्ञान (Botany) तथा प्राणी विज्ञान (Zoology) विषयों को स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है।
उन्होंने बताया कि जैसे ही शासन स्तर से बी.एससी. में प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ करने एवं नियमित कक्षाएं संचालित करने की अंतिम अनुमति प्राप्त होगी, तत्काल प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।