चकिया – बीमार होने के बावजूद झाड़ू लेकर पोखरे में उतरे तहसीलदार, कालीजी पोखरा सफाई अभियान बना मिसाल………राजस्व टीमसंग खुद संभाली कमान, टीम के जुड़ते ही चमक उठा ऐतिहासिक पोखरा, बीमार शरीर, लेकिन मजबूत इरादा; तहसीलदार ने खुद संभाली
चकिया (चंदौली)। स्वच्छता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का परिचय देते हुए तहसीलदार देवेंद्र मंगलवार को अस्वस्थ होने के बावजूद नगर स्थित ऐतिहासिक कालीजी मंदिर पोखरा की सफाई के लिए स्वयं मैदान में उतर गए। झाड़ू और फावड़ा लेकर उन्होंने अधिकारियों, कर्मचारियों और स्थानीय लोगों के साथ सफाई अभियान चलाया। तहसीलदार की सक्रियता देखकर लोगों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अभियान जनभागीदारी का उदाहरण बन गया।
कालीजी पोखरा की सीढ़ियों और जलाशय के आसपास फैली गंदगी को हटाने के लिए तहसीलदार ने स्वयं श्रमदान किया। उनके नेतृत्व में सफाई कार्य शुरू होते ही समाजसेवी राजेश और उनकी टीम भी मौके पर पहुंच गई। इसके बाद अभियान ने और गति पकड़ ली तथा प्लास्टिक, पूजा सामग्री सहित अन्य अपशिष्ट पदार्थों को निकालकर पोखरे को स्वच्छ बनाया गया।
तहसीलदार देवेंद्र कुमार यादव ने कहा कि ऐतिहासिक और धार्मिक धरोहरों का संरक्षण तथा उनकी स्वच्छता बनाए रखना हम सभी का नैतिक दायित्व है। प्रशासन और समाज के संयुक्त प्रयास से ही ऐसे स्थलों की गरिमा सुरक्षित रखी जा सकती है। उन्होंने लोगों से सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा न फेंकने और स्वच्छता बनाए रखने की अपील की।
सैकड़ों वर्ष पुराने कालीजी पोखरा का धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व है। क्षेत्र की आस्था के केंद्र इस स्थल पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में इसकी साफ-सफाई और संरक्षण को लेकर प्रशासन की पहल को लोगों ने सराहा।
स्थानीय लोगों का कहना था कि बीमारी के बावजूद तहसीलदार का स्वयं झाड़ू उठाकर सफाई अभियान में शामिल होना प्रेरणादायक है। इससे समाज में स्वच्छता के प्रति सकारात्मक संदेश गया है। अभियान के दौरान उत्तम पांडेय, आशुतोष राम, इकबाल रंजन सहित अन्य लोग मौजूद रहे।