चंदौली। आस्था और विश्वास के महापर्व छठ की खुशियां रविवार की शाम मातम में बदल गईं। बलुआ थाना क्षेत्र के विजई के पुरा गांव में बेदी पूजन के दौरान हुआ दर्दनाक हादसा पूरे इलाके को दहला गया। गंगा में नहाते समय डूबे दो किशोरों की बीएचयू ट्रॉमा सेंटर, वाराणसी में इलाज के दौरान मौत हो गई। एक साथ दो घरों के चिराग बुझ जाने से गांव में कोहराम मचा है, हर आंख नम है।
जानकारी के अनुसार रविवार की शाम छठ पर्व की संध्या आराधना से पहले गांव के कई बच्चे अपने परिजनों संग चंद्रावती गंगा घाट पर पहुंचे थे। इसी दौरान पांच किशोर स्नान करने के लिए गंगा में उतरे। नहाते समय अचानक तेज धारा की चपेट में आकर सभी बच्चे गहराई में चले गए। घटना से घाट पर अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने शोर मचाते हुए गोताखोरों की मदद से सभी को किसी तरह बाहर निकाला।
डूबने वाले बच्चों में हरथन जुड़ा गांव निवासी सोहन प्रजापति का पुत्र अमित प्रजापति (14) व दिनेश यादव का पुत्र सत्यम यादव (11) की हालत गंभीर थी। दोनों को पहले जिला अस्पताल और फिर बेहतर इलाज के लिए बीएचयू ट्रॉमा सेंटर, वाराणसी रेफर किया गया, जहां देर रात इलाज के दौरान दोनों ने दम तोड़ दिया।
अमित अपने माता-पिता का इकलौता पुत्र था। उसकी मौत की खबर सुनते ही घर में चीख-पुकार मच गई। वहीं सत्यम के घर में भी मातम छा गया। जहां कुछ घंटे पहले तक छठ पूजा की तैयारी चल रही थी, वहां अब सन्नाटा और आंसुओं का सैलाब है।
घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि छठ जैसे पर्वों के दौरान घाटों पर निगरानी बढ़ाई जाए और गोताखोरों की पर्याप्त तैनाती की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की अनहोनी दोबारा न हो।
छठ पर्व, जो माताओं द्वारा पुत्रों की दीर्घायु और मंगलकामना के लिए मनाया जाता है, उसी दौरान दो मासूम पुत्रों की असमय मौत ने पूरे जनपद को गमगीन कर दिया है। गंगा तट, जहां कल भक्ति गीत और दीपदान की गूंज थी, आज वहां सन्नाटा और मातम का माहौल है।