राहुल गांधी का चुनाव आयोग पर तंज — “मृत लोगों” के साथ चाय, अनोखा अनुभव बताया
नई दिल्ली/पटना, पूर्वांचल पोस्ट न्यूज।
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने बिहार विधानसभा चुनाव के माहौल में एक बार फिर चुनाव आयोग पर सीधा निशाना साधा है। मंगलवार को उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व ट्विटर) पर एक वीडियो साझा करते हुए तंज कसा कि— “जीवन में बहुत दिलचस्प अनुभव हुए हैं, लेकिन कभी ‘मृत लोगों’ के साथ चाय पीने का मौका नहीं मिला था। इस अनोखे अनुभव के लिए, धन्यवाद चुनाव आयोग!”
वीडियो में राहुल गांधी बिहार के राघोपुर विधानसभा क्षेत्र में सात ऐसे लोगों के साथ बैठे नज़र आ रहे हैं, जिन्हें चुनाव आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) के दौरान मतदाता सूची से “मृत” बताकर हटा दिया गया था, जबकि वे सभी जीवित हैं। इनमें रामिकबाल राय, हरेंद्र राय, लालमुनी देवी, बचिया देवी, लालवती देवी, पूनम कुमारी और मुन्ना कुमार शामिल हैं।
इन कथित “मृत” मतदाताओं ने राहुल गांधी को बताया कि उन्हें अपने जिंदा होने का सबूत देना पड़ रहा है, क्योंकि पंचायत में दर्जनों लोग इसी तरह सूची से गायब कर दिए गए हैं। एक ग्रामीण ने कहा— “हमें तो आयोग की लिस्ट देखकर पता चला कि हम मर चुके हैं।”
राहुल गांधी ने इस घटना को लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा बताते हुए आरोप लगाया कि मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां की जा रही हैं, जिससे मताधिकार का हनन हो रहा है। उन्होंने कहा, “यह सिर्फ एक पंचायत की कहानी नहीं है, पूरे बिहार और कई राज्यों में लाखों मतदाताओं के नाम गलत तरीके से काटे जा रहे हैं।”
यह विवाद उस समय और गरम हो गया है जब SIR प्रक्रिया को लेकर विपक्षी दल चुनाव आयोग पर पक्षपात और लापरवाही के आरोप लगा रहे हैं। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में कहा कि मतदाता सूचियों का पुनरीक्षण समय-समय पर आवश्यक है, लेकिन किसी भी त्रुटि को दूर करना आयोग की जिम्मेदारी है।
कांग्रेस का कहना है कि वह इस मुद्दे को न केवल जनआंदोलन के स्तर पर उठाएगी, बल्कि अदालत में भी चुनौती देगी। राहुल गांधी ने साफ किया कि यह “वोट चोरी” रोकने की लड़ाई है और इसमें जनता को जागरूक होना होगा।
बिहार में चुनावी सरगर्मी के बीच राहुल गांधी का यह तंज विपक्षी खेमे को मजबूती देता दिख रहा है, वहीं सत्ता पक्ष ने इसे “चुनावी ड्रामा” करार दिया है। लेकिन यह साफ है कि “मृत लोगों के साथ चाय” का यह वीडियो चुनावी बहस का केंद्र बन चुका है।