Saturday, September 12, 2026
उत्तर-प्रदेश

सात फेरे के पहले 13 दरोगा और 59 पुलिसकर्मियों ने ली पोजीशन………. दुल्हे के आने के पहले छावनी में तब्दील हुआ दुल्हन का गांव,, 11 महिला कांस्टेबल भी नहीं तैनात

 

लखनऊ, पूर्वाचल पोस्ट न्यूज नेटवर्क

संभल जिले में सात फेरों से पहले भारी तादात में लड़की पक्ष के गांव में पुलिस फोर्स पहुंच गई। 13 दारोगा और 59 पुलिसकर्मियों की टीम ने अपनी-अपनी पोजीशन ली। देखते ही देखते पूरा गांव छावनी में तब्दील हो गया। दूल्हा जब बारात लेकर पहुंचा तो सन्न रह गया। दरअसल जुनावई थाना क्षेत्र के गांव लोहामई में यादव बिरादरी के लोगों द्वारा वाल्मीकि समाज की बेटी की बारात चढ़ने से रोकने की आशंका थी, जिसके चलते शुक्रवार दोपहर से ही गांव को छावनी में तब्दील कर दिया गया। दस प्वाइंट पर पुलिस तैनाती के साथ ही ब के आगे-पीछे और दाएं-बाएं पुलिस बल तैनात रहा। ऐसे में वाल्मीकि समाज की बेटी के घर बारात गाजे-बाजे के साथ पहुंची।

थाना क्षेत्र के गांव लोहामई निवासी राजू वाल्मीकि की बेटी रवीना की बारात शुक्रवार शाम बदायूं जिले में इस्लामनगर थाना क्षेत्र के गांव पतीसा से पहुंची। यादव बिरादरी के लोगों द्वारा गांव में बारात नहीं चढ़ने देने की आशंका के चलते दोपहर से ही पुलिस मुस्तैद कर दी गई थी। देर शाम दूल्हा रामकिशन परिजनों और रिश्तेदारों के साथ बारात लेकर पहुंचा। देर शाम बारात चढ़त की रस्म भारी पुलिस फोर्स की मौजूदगी में शुरू की गई। गांव में दस पुलिस डयूटी प्वाइंट बनाए गए। सभी प्वाइंटों पर एक दरोगा के साथ पुलिसकर्मी और महिला पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया। इसके अलावा पुलिस एक-एक टीम बारात के आगे और पीछे और एक-एक टीम रात के दाएं और बाएं मुस्तैद की गई। देर रात बारात संपन्न होने तक पुलिस फोर्स गांव में मुस्तैद रहा।


नाव क्षेत्र के गांव लोहामई में यादव बिरादरी के लोगों द्वारा बारात चढ़ने का विरोध किए जाने की आशंका के चलते दोपहर 12 बजे ही गांव को छावनी में तब्दील कर दिया गया। थानाध्यक्ष पुष्कर मेहरा के साथ 13 दरोगा, एक महिला दरोगा, 33 कांस्टेबल और 11 महिला कांस्टेबल बारात संपन्न होने तक मुस्तैद रहे। थानाध्यक्ष पुष्कर मेहरा ने वाल्मीकि बेटी की शादी में 11 हजार का नेग देकर उसे आर्शीवाद दिया।

 

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