सात फेरोंं से पहले दुल्हन की हार्ट अटैक से मौत, साली के साथ हुई दूल्हे की शादी………मातम

लखनऊ, पूर्वांचल पोस्ट न्यूज नेटवर्क

जनपद इटावा में धूमधाम से हो रही शादी में उस समय कोहराम मच गया जब एकाएक दुल्हन की मौत हो गई। विवाह की रस्में पूरी होने वाली थी कि अचानक सात फेरों से पहले दुल्हन को हार्ट अटैक आ गया। शादी की खुशियां मातम में बदल गईं। इसके तुरंत बाद उसी मंडप में दुल्हन की छोटी बहन के सामने शादी का प्रस्ताव रखकर उसको समझाया बुझाया, इस पर उसने प्रस्ताव स्वीकार कर लिया। आपसी रजामंदी से दुल्हन की छोटी बहन के साथ वैवाहिक रश्म अदायगी के बाद बारात को विदा किया गया।

मंगलवार की देर रात क्षेत्र के गांव समसपुर निवासी रमापति की पुत्री सुरभि की शादी का समारोह को लेकर परिवारीजन हर्ष उल्लास के साथ बारात के स्वागत की तैयारियों में जुटे थे। इकदिल के नावली गांव से अनिल कुमार का बेटा मंजेश कुमार अपनी बरात लेकर बारात पहुंचा। बरात के पहुंचने पर वधू पक्ष के लोग कोविड नियमों के तहत स्वागत सत्कार में लग गए, समारोह में वैवाहिक रश्मों के दौरान द्वारचार आदि रश्में विधिविधान के साथ सम्पन्न हुई, निर्धारित मूहर्त पर भांवर की तैयारियां शुरू हो गई, इसी बीच सुबह के करीब 4 बजे हाथों में मेंहदी सजाए दुल्हन बनी सुरभि ने परिवारीजनों से अचानक सीने में दर्द की शिकायत की, तो उसे आनन फानन में इलाज के लिए अस्पातल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। दुल्हन की अचानक मौत होने से कोहराम मच गया और शादी की खुशियां मातम में बदल गई।

इस बीच गांव के कुछ लोगों के बीच दोनों पक्षों की आपसी रजामंदी पर दुल्हन की छोटी बहन निशा के सामने शादी का प्रस्ताव रखा गया, इसको स्वीकार करने के बाद निशा की शादी दूल्हे से कर दी गई। गमगीन माहौल में वैवाहिक रश्मों की औपचारिकताएं पूरी कर दूल्हे के साथ विदाई की गई। बाद में मृतका सुरभि के शव को गांव के नजदीक खेत मे रुंधे गले से परिवारीजनों व ग्रामीणों ने अंतिम विदाई दी। मृतका के भाई गौरव ने बताया कि मंगलवार की रात को शादी का कार्यक्रम चल रहा था, इसी दौरान बहन सुरभि की अचानक तबियत बिगड़ने पर नजदीक के निजी चिकित्सक के यहां ले जाया गया जहां चिकित्सक ने सुरभि की हार्ट अटैक से मौत होने की बजह बताई, आपसी रजामंदी से छोटी बहन निशा को दूल्हे के साथ विदा किया गया। इस बीच मृतका की मां गुडडी देवी की आंखों से पुत्री सुरभि की मौत पर आंसू निकलते रहे, मां को पुत्र गौरव बार बार संभालता रहा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!