186 प्रधानों को करना होगा शपथ का इंतजार, सामने आई यह वजह….

पूर्वांचल पोस्ट न्यूज नेटवर्क

मेरठ। पंचायत चुनाव के दौरान ग्राम पंचायत के सदस्य पदों पर प्रत्याशी उतारने में लापरवाही करना अब जनपद के 186 गांवों के नव निर्वाचित प्रधानों को भारी पड़ रहा है। वे भारी भरकम वोटों से चुनाव जीतने के बाद भी अन्य प्रधानों के साथ शपथ नहीं ले सकेंगे। न ही उनकी गांव पंचायत का गठन किया जा सकेगा। 186 गांव पंचायतें ऐसी हैं जहां दो तिहाई से कम संख्या में नए सदस्य निर्वाचित हो सके हैं।

479 में 293 प्रधान लेंगे शपथ

शासन ने ग्राम पंचायतों का गठन करते हुए नवनिर्वाचित प्रधानों और सदस्यों को शपथ दिलाने के लिए 25 और 26 मई की तिथि तय की है। जबकि 27 मई को ग्राम पंचायत की पहली बैठक करने का आदेश दिया गया है। पहली बैठक में ही गांव पंचायत में गठित होने वाली छह समितियों का भी गठन करने का निर्देश दिया गया है। शपथ आनलाइन होगी जिसे बीडीओ और अन्य अधिकारी दिलाएंगे। मेरठ में 186 गांवों में ग्राम पंचायत सदस्य पदों पर दो तिहाई संख्या में सदस्य निर्वाचित नहीं हो सके हैं। जनपद की 479 ग्राम पंचायतों में से केवल 293 पंचायतों में ही ग्राम पंचायत का गठन किया जा सकेगा। डीपीआरओ आलोक सिन्हा का कहना है कि जिन गांवों में ग्राम पंचायत सदस्यों के दो तिहाई पदों पर निर्वाचन नहीं हो सका है।

हर कोई ग्राम प्रधान बनना चाहता है, सदस्य कोई नहीं

ग्ग्राम पंचायत सदस्यों के कुल 7185 पद हैं। इनके लिए मात्र 5041 नामांकन पत्र प्राप्त हुए थे। इनमें से भी लगभग 800 नामांकन या तो निरस्त हो गए अथवा प्रत्याशियों ने ही वापस ले लिए। बचे प्रत्याशियों में से अधिकांश पदों पर एक.एक प्रत्याशी ही होने के कारण निर्विरोध निर्वाचन हो गया।

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