घर पर था बड़े भाई का शव, फील्ड में कर्तव्य निभाते रहे एडीएम सिटी…..

पूर्वांचल पोस्ट न्यूज नेटवर्क

गोरखपुर। अपने कर्तव्यों के प्रति निष्ठा के उदाहरण कम ही नजर आते हैं लेकिन गोरखपुर में एडीएम सिटी के रूप में तैनात राकेश कुमार श्रीवास्तव ने मिसाल पेश किया है। कर्तव्यों के प्रति ईमानदारी को जो परिचय उन्होंने दिया। वह शायद ही कभी देखने को मिलता है। उनके बड़े भाई की रविवार की देर रात कोरोना से मौत हो गई थी और शव घर पर था। स्वजन का इंतजार था। इस बीच एडीएम सिटी अपनी ड्यूटी पर मुस्तैद रहे। दोपहर बाद एम्स से मुख्यमंत्री के जाने के बाद एडीएम सिटी सीधे राजघाट पहुंचे और स्वजन तथा कुछ प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में भाई के अंतिम संस्कार में शामिल हुए।

कोरोना से संक्रमित थे एडीएम सिटी के बड़े भाई शैलेष कुमार श्रीवास्तव

मूल रूप से लखनऊ के रहने वाले एडीएम सिटी के बड़े भाई 63 वर्षीय शैलेष कुमार श्रीवास्तव पिछले कुछ दिनों से कोरोना संक्रमित थे। दाउदपुर स्थित आर्यन हास्पिटल में उनका इलाज चल रहा था। तीन दिन पहले उनकी हालत में सुधार बताकर अस्पताल से उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया था। स्वजन उन्हें घर लेकर चले आए थे। घर पर ही आक्सीजन सिलेंडर की व्यवस्था की गई थी। रविवार की रात 2ण्30 बजे उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। अस्पताल ले जाने से पहले ही उनका निधन हो गया।

मुख्यमंत्री के लौटने के बाद सीधे राजघाट पहुंचकर अंतिम संस्कार में हुए शामिल

शैलेष श्रीवास्तव के परिवार में उनकी पत्नी व दो बच्चे हैं। सोमवार को उनके परिवार के अन्य लोगों का इंतजार होने लगा। इस दौरान एडीएम सिटी अपना कर्तव्य निभाते रहे। दिनभर जिले के कई अधिकारियों को इस बात की भी जानकारी नहीं हुई कि एडीएम सिटी के परिवार में इस तरह की घटना हुई है।

जिन अधिकारियों को इस बात का पता चला उन्होंने एडीएम सिटी से घर जाने का अनुरोध किया लेकिन एडीएम का जवाब था कि जबतक स्वजन आ रहे हैं। तबतक शासकीय दायित्वों का निर्वहन कर लिया जाए। अंतिम संस्कार के दौरान सीडीओ इंद्रजीत सिंह, एडीएम वित्त एवं राजस्व राजेश सिंह, तहसीलदार सदर डा. संजीव दीक्षित आदि अधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की।

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