दो साल से कर रहे थे धंधा, दस करोड़ रुपये से भी ज्‍यादा की बेच चुके हैं….

पूर्वांचल पोस्ट न्यूज नेटवर्क

मेरठ। प्रोटीन की दुकान और मेडिकल स्टोर की आड़ में सादिक और जान सैफी करीब दो साल से प्रतिबंधित दवाइयों का धंधा कर रहे थे। वह पंजाब में दस करोड़ रुपये से ज्यादा की प्रतिबंधित दवाइयां बेच चुका है। उसके खाते में जमा 93 लाख की रकम भी सीज करा दी गई है। बाकी आरोपितों के खातों की भी पंजाब पुलिस जांच रही है। कंपनी के रिकार्ड से यह तस्दीक की जा रही है कि प्रतिमाह कितनी दवाइयां बनती थीं और कहां.कहां सप्लाई होती थीं।

मेरठ से लुधियाना तक ऐसे पहुंच रही थीं दवाइयां

जान सैफी पंजाब में भी प्रोटीन सप्लाई करता है। वहां उसकी मुलाकात अनूप से हुई थी। अनूप ने जान से कुछ प्रतिबंधित दवाइयों की सप्लाई लेने को कहा था। जान सैफी ने मेडिकल स्टोर स्वामी सादिक उर्फ बबलू से संपर्क किया। सादिक ने कोतवाली के इमलियान निवासी फरजान से संपर्क किया। फरजान ने काशी में मेडिकल स्टोर चलाने वाले छुट्टन गोयल से दवाइयां खरीदीं। छुट्टन ये दवाइयां पर्क फार्मास्यूटिकल कंपनी से खरीदता था। कंपनी निजी फर्म को सीधे दवाइयां नहीं बेच सकती है। बावजूद कंपनी छुट्टन गोयल को अवैध रूप से दवाइयां मुहैया कराती रही। दवाइयों को जान सैफी कोरियर से पंजाब भेजता था। महीने में एक बार पंजाब का चक्कर लगाता था। रकम सैफी के खाते में भेज दी जाती थी।

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