संघर्षरत किसानों के लिए प्रेरणा श्रोत हैं सर छोटु राम जी-अजय राय

पूर्वांचल पोस्ट न्यूज नेटवर्क

चकिया, चंदौली। अंग्रेज़ी कैलंडर के हिसाब से उनका जन्म 24 नवंबर 1881 को हुआ था। पर उनकी इच्छा थी कि बसंत पंचमी के दिन ही उनका जन्मदिन माना जाये।

दिल्ली बार्डर पर जारी किसान आंदोलन भी व उसके आह्वान पर पुरे देश के किसान आज सर छोटूरामजी की जयंती मनाया
सर छोटूरामजी आज़ादी पूर्वए अविभाजित पंजाब मे यूनीनिस्ट पार्टी के संस्थापक थे। 1930 के दशक मे उनके प्रयासों से अविभाजित पंजाबए जिसमे हरियाणा भी थाए के किसानो को सूदखोरों और महाजनों से मुक्ति मिली। वे खुद हरियाणा के रोहतक जिले के जाट परिवेश से थे।
हिंदू.मुस्लिम और सिक्ख किसानो मे उनकी ज़बरदस्त पैठ थी। ये माना जाता है कि अगर उनकी 1945 मे मृत्यु नही होती तो पंजाब और देश का विभाजन रोका जा सकता था।
सर छोटू राम को याद करते हुए, मजदूर किसान मंच के प्रभारी अजय राय ने कहा कि सर छोटू राम ने अपनी कड़ी मेहनत और समर्पण के साथए कृषक समुदाय को उचित मार्गदर्शन दिया और ब्रिटिश सरकार में किसान हितों के लिए 22 महत्वपूर्ण कानून पारित करवाये। किसानों को शोषणकारी साहूकारों के चंगुल से मुक्त करवाया। देश भर में किसान अभी भी संघर्ष की राह पर हैं। जिनके लिए छोटू राम प्रेरणा स्रोत हैं।

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