धरती की गहराई में छिपा है भूकंप का राज, जानिए विज्ञान का ये रहस्‍य और इसकी सच्‍चाई….

पूर्वांचल पोस्ट न्यूज नेटवर्क

नई दिल्‍ली। दो दिन पहले रात साढ़े दस बजे करीब पूरा उत्‍तर भारत भूंकप के तेज झटके से थर्रा गया। हालांकि इस भूकंप से जान.माल की हानि तो नहीं हुई लेकिन लोगों में कुछ सैकेंड के लिए आए इस भूकंप ने दहशत जरूर पैदा कर दी थी। इसका केंद्र भारत से दूर तजाकिस्‍तान में धरती से करीब 70 किमी नीचे मौजूद था। रिक्‍टर स्‍केल पर इसकी तीव्रता 6.1 थी।

भारत में आए भूकंप के एक ही दिन बाद जापान, जो कि भूंकप के लिए बेहद संवेदनशील जगह है। में शनिवार को 7.1 तीव्रता का भूकंप आया। इसका केंद्र समुद्र तल से करीब 60 किमी गहराई में था। इसके झटके टोक्‍यो से लेकर दक्षिण पश्चिम तक महसूस किए गए। इसकी वजह से कुछ महान धराशायी हो गए और कुछ लोगों को चोट भी आई है। साथ ही इसकी वजह से आठ लाख घरों की बिजली गुल हो गई। इसके साथ ही शनिवार को ही आर्मीनिया में भी 4.7 तीव्रता का भूकंप महसूस किया गया। इसका केंद्र राजधानी येरेवान से दक्षिण में 13 किमी की दूरी पर था।

आपको बता दें कि हर रोज ही दुनिया में कहीं न कहीं भूकंप के झटके रिकॉर्ड किए जाते हैं। यूएसजीएस के मुताबिक अकेले अमेरिका में ही बीते 24 घंटों के दौरान करीब 20 बार भूकंप को रिकॉर्ड किया गया। वहीं जापान में बीते 24 घंटों में चार बार भूकंप रिकॉर्ड किया गया जो रिक्‍टर स्‍केल पर 4.5.7.1 की तीव्रता के थे। आपको बता दें कि मार्च 2011 में जापान में रिक्‍टर स्‍केल पर 8 की तीव्रता का भूकंप आया था। जिसके बाद वहां पर परमाणु संयंत्र को जबरदस्‍त नुकसान पहुंचा था। इसकी वजह से आई सुनामी में हजारों लोगों की जान गई थी और अरबों डॉलर की संपत्ति को नुकसान पहुंचा था।

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