गुरु और शुक्र के फेर में फंसे सात फेरे, शुभ मुहूर्त की प्रतीक्षा करने वालों का अभी खत्‍म नहीं हुआ है इंतजार….

पूर्वांचल पोस्ट न्यूज नेटवर्क

प्रयागराज। विवाह के लिए शुभ मुहूर्त की प्रतीक्षा करने वालों का इंतजार अभी खत्म नहीं हुआ है। उन्हें अभी दो महीने से अधिक समय तक मुहूर्त की प्रतीक्षा करनी होगी। क्योंकि वर.वधु के बीच लगने वाले सात फेरों के बीच में गुरु व शुक्र ग्रह का सामंजस्य नहीं बन पा रहा है। दोनों का तालमेल बैठने पर ही विवाह का मुहूर्त बन पाएगा। इधर गुरु का उदय तो हो रहा है। लेकिन उसके कुछ दिन बाद शुक्र अस्त हो जाएंगे। इसके चलते 21 अप्रैल तक विवाह का कोई मुहूर्त नहीं बन पा रहा है।

पराशर ज्योतिष संस्थान के निदेशक आचार्य विद्याकांत पांडेय यह कहते हैं

पराशर ज्योतिष संस्थान के निदेशक आचार्य विद्याकांत पांडेय बताते हैं कि 12 फरवरी की सुबह 10ः06 बजे गुरु उदय हो जाएंगे। वे तीन दिन बाल्यावस्था में रहेंगे। वहीं 14 फरवरी को शुक्र वृद्धा अवस्था में होकर 17 फरवरी को अस्त हो जाएंगे। इस समयावधि में मांगलिक कार्य नहीं होंगे। बकौल आचार्य विद्याकांत चैत्र शुक्लपक्ष की सप्तमी तिथि पर 19 अप्रैल को शुक्र का उदय होगा। वे तीन दिन बाल्यावस्था में रहेंगे। बाल्यावस्था खत्म होने के बाद 22 अप्रैल से मांगलिक कार्य आरंभ हो जाएंगे।

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