यहां बेटी पैदा होते ही जच्चा को अस्पताल में छोड़ भागे ससुरालिए, नो दिन से पति की बांट जोह रही पत्नी….

पूर्वांचल पोस्ट न्यूज नेटवर्क

सहारनपुर। सरकार हो या फिर समाज के जिम्मेदार, हर कोई चिल्ला.चिल्लाकर बोल रहा है कि इस हाईटेक युग में बेटी बेटे से कम नहीं है। नारा दिया जा रहा है कि बेटी बचाओ.बेटी पढ़ाओ, लेकिन सहारनपुर के देवबंद क्षेत्र के गांव भनेड़ा के रहने वाले एक परिवार की मानसिकता अभी वही पुरानी है। जो सालों पहले बेटी के प्रति कुछ लोगों की होती थी। इस परिवार ने अपनी एक बहू को जिला अस्पताल में इस आस से भर्ती कराया कि उसे बेटा पैदा होगा, लेकिन बहू को बेटी पैदा हो गई। जैसे ही बेटी पैदा हुई तो ससुरालियों ने बहू का हालचाल तक नहीं पूछा और अस्पताल में ही छोड़कर फरार हो गए। नौ दिन से जच्चा अस्पताल के वार्ड नंबर नौ में अपने पति की बांट जोह रही है।

यह है पूरा मामला

दरअसल मंडी कोतवाली क्षेत्र के गांव खाताखेड़ी निवासी नसीम अहमद की बेटी आएशा का निकाह करीब डेढ़ साल पहले देवबंद कोतवाली क्षेत्र के गांव भनेड़ा निवासी युवक के साथ हुआ था। शादी के बाद सबकुछ बेहतर चल रहा था। जब आएशा गर्भवती हुई तो पति हर दिन आएशा से बोलता था कि बेटा ही पैदा करना। जबकि आएशा कहती थी कि बेटी हो या बेटा उसके लिए दोनों समान है। इस बात पर पति उसे पीटता व उत्पीड़न करता था। 22 जनवरी को आएशा को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। 22 जनवरी की देर रात आएशा ने एक बेटी को जन्म दिया। जैसे ही यह खबर ससुरालियों को लगी तो जिला अस्पताल से पति सास और ससुर बहू का हालचाल जाने बगैर ही गायब हो गए। करीब पांच दिन के बाद बहू आएशा ने अपने पति को फोन किया तो उसने कहा कि वह अब उसे नहीं रखेगा। वह कहीं और अपनी शादी कर सकती है। बेटी को भी ले जा सकती है। इसके बाद आएशा के पिता नसीम अहमद ने उसके ससुरालियों से बात करने की कोशिश कीए लेकिन उन्होंने कोई बात नहीं की। आएशा अभी भी जिला अस्पताल में अपने ससुराल वालों का इंतजार कर रही है।

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