चंदौली – आयुष चिकित्सकों की आवाज बनी विधायक सुशील की कलम, मुख्यमंत्री तक पहुंचा मानदेय विसंगति का मामला……लिखा पत्र, चार हजार चिकित्सकों की लंबित मांग पर विधायक ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र, विधायक मुगलसराय भी लिखें है सीएम को पत्र
चंदौली। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत कार्यरत आयुष चिकित्सकों की लंबे समय से लंबित मानदेय विसंगति का मुद्दा अब सीधे मुख्यमंत्री तक पहुंच गया है। आयुष डॉक्टर्स वेलफेयर एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के बाद सैयदराजा विधायक सुशील सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर चिकित्सकों की मानदेय संबंधी समस्या के समाधान के लिए आवश्यक नीतिगत कार्रवाई का अनुरोध किया है। विधायक की इस पहल के बाद आयुष चिकित्सकों की वर्षों पुरानी मांग को लेकर उम्मीदें बढ़ी हैं।
2009-10 में बराबर था मानदेय, अब बना बड़ा अंतर
मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में विधायक ने एसोसिएशन की ओर से उठाए गए मुद्दे का उल्लेख करते हुए बताया कि एनएचएम के अंतर्गत कार्यरत करीब चार हजार आयुष चिकित्सक लंबे समय से मानदेय विसंगति दूर किए जाने की मांग कर रहे हैं। एसोसिएशन के अनुसार वर्ष 2009-10 में आयुष एवं एमबीबीएस चिकित्सकों का मानदेय समान स्तर पर निर्धारित था, लेकिन वर्तमान में दोनों के मानदेय में अंतर हो गया है।

चिकित्सकों का कहना है कि वे प्रदेश के सुदूर ग्रामीण और वंचित क्षेत्रों में लगातार स्वास्थ्य सेवाएं दे रहे हैं। ऐसे में मानदेय में बनी विसंगति का समाधान किया जाना आवश्यक है।
मुख्यमंत्री से सहानुभूतिपूर्वक विचार का आग्रह
विधायक सुशील सिंह ने अपने पत्र में आयुष चिकित्सकों की ग्रामीण एवं वंचित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं में भूमिका का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री से उनकी मांग पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का अनुरोध किया है। उन्होंने एसोसिएशन की ओर से प्रस्तुत प्रार्थना पत्र एवं ज्ञापन का संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक नीतिगत कार्रवाई के लिए निर्देशित करने का भी आग्रह किया है।
पत्र में भारत सरकार की ओर से राज्यों को मानदेय संबंधी विसंगतियों के निराकरण के लिए जारी दिशा-निर्देशों का भी हवाला दिया गया है।




