जिले में यहां हुआ “एक धमाका और मच गई तबाही….. 11 लोगों मौतों से दहला इलाका इलाका , 5 पुलिसकर्मियों पर भी गिरी गाज…. डीएम व एसपी मौके पर , राष्ट्रपति PM और CM जताया दुःख…..मिलेगा कुल 4 लाख का मुआवजा
कौशांबी में पटाखा फैक्ट्री में भीषण विस्फोट, 11 की मौत; एक दर्जन से अधिक झुलसे, पांच पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई
कौशांबी। जिले के मनौरी क्षेत्र में सोमवार को पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट से पूरा इलाका दहल उठा। हादसे में अब तक 11 लोगों की मौत की सूचना है, जबकि एक दर्जन से अधिक लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि आसपास के कई मकानों को नुकसान पहुंचा और दिल्ली-हावड़ा रेल मार्ग पर करीब एक घंटे तक ट्रेनों का संचालन प्रभावित रहा।
हादसे के बाद मौके पर पुलिस अधिकारियों के साथ दो थानों की फोर्स राहत एवं बचाव कार्य में जुटी रही। घायलों को एंबुलेंस के माध्यम से जिला अस्पताल समेत अन्य अस्पतालों में भर्ती कराया गया। गंभीर घायलों को बेहतर उपचार के लिए प्रयागराज भेजे जाने की जानकारी है।
मुख्यमंत्री ने की आर्थिक सहायता की घोषणा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कौशांबी हादसे पर गहरा दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये तथा घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को घायलों का समुचित उपचार कराने और राहत-बचाव कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी हादसे पर दुख जताया है। उन्होंने मृतकों के स्वजन को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से दो-दो लाख रुपये तथा घायलों को 50-50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि देने का ऐलान किया है।
डीएम ने मेडिकल कॉलेज पहुंचकर लिया जायजा
हादसे की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमला सक्रिय हो गया। डीएम डॉ. अमित पाल ने मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचकर घायलों के उपचार और चिकित्सकीय व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने डॉक्टरों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए। अस्पताल में घायलों के उपचार के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गईं।
50 मीटर के दायरे में पांच से सात मकान क्षतिग्रस्त
विस्फोट की तीव्रता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि फैक्ट्री के आसपास करीब 50 मीटर के दायरे में पांच से सात मकान क्षतिग्रस्त हो गए। धमाके के बाद इलाके में धुएं का गुबार छा गया। फैक्ट्री में रखे पटाखों में आग लगने के कारण काफी देर तक धमाकों की आवाज सुनाई देती रही। बताया जा रहा है कि विस्फोट की आवाज करीब दो किलोमीटर दूर तक सुनाई दी।
फैक्ट्री में काम कर रहे थे करीब 25 मजदूर
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के समय फैक्ट्री में करीब 25 मजदूर काम कर रहे थे। सोमवार सुबह रोजाना की तरह फैक्ट्री में काम चल रहा था। इसी दौरान अचानक जोरदार विस्फोट हुआ और देखते ही देखते फैक्ट्री का ढांचा ढह गया।
धमाके के बाद वहां चीख-पुकार मच गई। आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य में जुट गए। आग के बीच लगातार हो रहे धमाकों के कारण शुरुआती दौर में राहत-बचाव कार्य में काफी परेशानी हुई।
ट्रेनों का संचालन भी रहा प्रभावित
घटनास्थल दिल्ली-हावड़ा रेल लाइन के नजदीक होने के कारण रेलवे प्रशासन ने एहतियातन ट्रेनों का संचालन रोक दिया। करीब एक घंटे तक रेल यातायात प्रभावित रहा। PTI के अनुसार, घटनास्थल के करीब पहुंची अजमेर-सियालदह एक्सप्रेस को मनौरी रेलवे स्टेशन पर वापस भेजा गया, जबकि दिल्ली से वाराणसी जा रही वंदे भारत एक्सप्रेस को सैयद सरावा रेलवे स्टेशन पर रोक दिया गया।
पांच पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज
हादसे के बाद पुलिस विभाग ने भी कार्रवाई की है। फैक्ट्री संचालन की सूचना दर्ज नहीं कराने के मामले में पिपरी थाना प्रभारी समेत तीन पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया गया है। वहीं दो बीट आरक्षियों को निलंबित कर दिया गया है। मामले में विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।
आग लगने का कारण स्पष्ट नहीं
फिलहाल फैक्ट्री में आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है। पुलिस और प्रशासन की टीमें मामले की जांच कर रही हैं। आग पूरी तरह बुझने और मलबे में रेस्क्यू कार्य पूरा होने के बाद मृतकों और घायलों की संख्या की स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है।
हादसे ने एक बार फिर आबादी वाले क्षेत्रों में पटाखा निर्माण और सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन अब फैक्ट्री के संचालन, लाइसेंस और सुरक्षा मानकों की भी जांच कर रहा है।