चंदौली में पहला टिकट जारी, नाम सुनकर चौंकेंगे! 20 साल के पत्रकारिता अनुभव वाले चेहरे पर पार्टी ने खेला दांव


चंदौली में किसके नाम खुला सियासी पत्ता? पार्टी ने जारी किया पहला टिकट, 20 साल के अनुभव पर लगाया दांव
सैयदराजा विधानसभा में अचानक बढ़ी राजनीतिक हलचल, पत्रकारिता से राजनीति के मैदान में उतरे उमेश सिंह
चंदौली। विधानसभा चुनाव की आहट के बीच चंदौली की सियासत में उस समय हलचल तेज हो गई, जब एक राजनीतिक दल ने जिले में अपना पहला प्रत्याशी घोषित कर दिया। सैयदराजा विधानसभा सीट को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लगाते हुए आजाद अधिकार सेना ने उमेश सिंह को अपना उम्मीदवार बनाया है।
पार्टी की केंद्रीय कार्यकारिणी के अनुमोदन के बाद राष्ट्रीय महासचिव डॉ. नूतन ठाकुर ने कार्यालय ज्ञाप के माध्यम से उमेश सिंह की उम्मीदवारी की घोषणा की। टिकट की घोषणा के साथ ही सैयदराजा विधानसभा क्षेत्र में राजनीतिक चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
खास बात यह है कि पार्टी ने जिस चेहरे पर भरोसा जताया है, वह पिछले 20 वर्षों से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। उमेश सिंह ने सैयदराजा क्षेत्र में लंबे समय तक पत्रकार के रूप में काम करते हुए स्थानीय समस्याओं और जनहित से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाया है।
जनता के बीच से अब चुनावी मैदान तक
पत्रकारिता के दौरान उमेश सिंह क्षेत्र की सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य सहित विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर खबरों के माध्यम से आवाज उठाते रहे हैं। लंबे समय तक क्षेत्र में सक्रिय रहने के कारण उन्हें स्थानीय परिस्थितियों और जमीनी समस्याओं की अच्छी समझ मानी जाती है।
अब तक जनता की समस्याओं को खबरों के जरिए उठाने वाले उमेश सिंह खुद चुनावी मैदान में उतरेंगे। ऐसे में उनकी पत्रकारिता की पृष्ठभूमि और क्षेत्र में दो दशक से अधिक की सक्रियता चुनावी अभियान में कितना असर डालती है, यह देखने वाली बात होगी।
अन्याय और भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई का दावा
आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर ने कहा कि उमेश सिंह पार्टी की विचारधारा के अनुरूप अन्याय, अत्याचार और भ्रष्टाचार के विरोध तथा आम नागरिक के अधिकारों की लड़ाई को आगे बढ़ाते हुए चुनाव मैदान में उतरेंगे।
उमेश सिंह की उम्मीदवारी के साथ ही सैयदराजा विधानसभा क्षेत्र में चुनावी समीकरणों को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। पहला टिकट किसे मिला, यह सस्पेंस अब खत्म हो चुका है, लेकिन असली सियासी कहानी अब शुरू हुई है।








