Sunday, August 23, 2026
उत्तर-प्रदेशचंदौली

चकिया – लखनऊ से लौटते ही विधायक कैलाश आचार्य ने पीड़ित परिवार से की मुलाकात, दिल्ली लौटते ही पहले घर नहीं पहुंचे पीड़ित के घर चेयरमैन गौरव , डीएम से मेडिकल में घंटों देर होने व चकिया चंदौली, चकिया कराने कि जांच की उठाई मांग

चकिया, चंदौली। डेढ़ वर्षीय मासूम के साथ दुष्कर्म की घटना को लेकर क्षेत्र में आक्रोश के बीच रविवार को विधायक कैलाश आचार्य और नगर पंचायत अध्यक्ष गौरव श्रीवास्तव पीड़ित बच्ची के घर पहुंचे। दोनों जनप्रतिनिधियों ने परिवार से मुलाकात कर ढांढ़स बंधाया और हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। वहीं, चेयरमैन ने बच्ची के मेडिकल में हुई कथित देरी को गंभीर मामला बताते हुए जिलाधिकारी से पूरे प्रकरण की जांच कराकर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की।

घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। हालांकि, मेडिकल प्रक्रिया में देरी को लेकर परिजनों और स्थानीय लोगों में नाराजगी बनी हुई है। आरोप है कि मेडिकल के लिए बच्ची को पहले चकिया से जिला मुख्यालय भेजा गया और बाद में फिर चकिया लाया गया, जिससे प्रक्रिया में काफी समय लगा।

विधायक कैलाश आचार्य उस समय लखनऊ में थे। घटना की जानकारी मिलते ही उन्होंने संबंधित अधिकारियों से बातचीत कर आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और पीड़ित बच्ची का मेडिकल कराने के लिए अधिकारियों से लगातार संपर्क किया। बताया गया कि विधायक ने सीएमएस, कोतवाल, एसपी और डीएम से भी कई बार वार्ता की। काफी प्रयास के बाद दोपहर करीब दो बजे बच्ची का मेडिकल हो सका।

लखनऊ से चकिया पहुंचते ही पीड़ित परिवार के घर पहुंचे विधायक

लखनऊ से चकिया पहुंचते ही विधायक कैलाश आचार्य सीधे पीड़ित परिवार के घर पहुंचे। उन्होंने बच्ची के पिता और परिजनों से मुलाकात कर संवेदना जताई। विधायक ने कहा कि परिवार को न्याय दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा और आरोपी के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित कराने के लिए अधिकारियों से लगातार बात की जा रही है।

दिल्ली से लौटे चेयरमैन, घर जाने से पहले पीड़िता के घर पहुंचे

वहीं, आवश्यक कार्य से दिल्ली गए नगर पंचायत चकिया के अध्यक्ष गौरव श्रीवास्तव भी बनारस पहुंचने के बाद सीधे पीड़ित बच्ची के घर पहुंचे। उन्होंने परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढ़स बंधाया और कहा कि इस दुख की घड़ी में पूरा समाज परिवार के साथ खड़ा है। उन्होंने कहा कि मासूम के साथ हैवानियत करने वाले आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।

चेयरमैन ने जिलाधिकारी से मांग की कि बच्ची के मेडिकल में हुई देरी की निष्पक्ष जांच कराई जाए। उन्होंने सवाल उठाया कि रात में बच्ची को मेडिकल के लिए चकिया से चंदौली क्यों भेजा गया और बाद में फिर चकिया क्यों लाया गया। उन्होंने कहा कि यदि प्रक्रिया में लापरवाही हुई है तो इसकी जिम्मेदारी तय कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

चेयरमैन ने कहा कि मेडिकल कराने के लिए जनप्रतिनिधियों को अधिकारियों से हस्तक्षेप करना पड़ा, जिसके बाद मेडिकल हो सका। ऐसे संवेदनशील मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए।

इस दौरान मंडल अध्यक्ष संदीप गुप्ता, सभासद डॉ. रवि गुप्ता, केशरी नंदन, सुरेश सोनकर, चेयरमैन प्रतिनिधि राजू माली, शिवरतन गुप्ता, विजय चौरसिया भोनू , सुशील पाण्डेय, पूर्व प्रधान दीपचंद्र जायसवाल, राजकिशोर, अध्यक्ष सुदर्शन गुप्ता समेत अन्य लोग मौजूद रहे।

About The Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *