चकिया साइकिल में हुआ दर्दनाक हादसा, निकालना पड़ा भारी, जहरीली गैस से तीन युवकों की मौत………पांच लोग कुएं में उतरे थे, दो की हालत गंभीर;हादसे से गांव में मचा कोहराम, मौके पर पहुंचे DM और SP
शहाबगंज (चंदौली)। बंद पड़े कुएं में खराब समरसेबल निकालना पांच युवकों को भारी पड़ गया। कुएं के अंदर मौजूद जहरीली गैस की चपेट में आने से तीन युवकों की मौत हो गई, जबकि दो की हालत गंभीर बनी हुई है। दोनों को मेडिकल कॉलेज चंदौली में भर्ती कराया गया है। शनिवार दोपहर हुए दर्दनाक हादसे के बाद किड़िहिरा गांव में मातम पसर गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
किड़िहिरा गांव में कमरुद्दीन के मकान के पास काफी समय से एक कुआं बंद पड़ा था। इसी कुएं में समरसेबल लगा हुआ था। शनिवार को समरसेबल खराब होने पर उसे निकालने के लिए परिवार के लोग कुएं में उतरे। बताया गया कि कुएं के भीतर जहरीली गैस मौजूद थी। गैस की चपेट में आते ही एक-एक कर पांचों लोग बेहोश होकर कुएं में गिर पड़े।
हादसे की जानकारी मिलते ही मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। ग्रामीणों ने किसी तरह पांचों को कुएं से बाहर निकाला। तब तक आखिर जमा (28) पुत्र कमरुद्दीन, वारिस अली (18) पुत्र नसरुद्दीन और तौकिर (17) पुत्र नसरुद्दीन की मौत हो चुकी थी। वहीं समशेर और मेराज की हालत गंभीर होने पर उन्हें तत्काल मेडिकल कॉलेज चंदौली ले जाया गया, जहां दोनों का उपचार चल रहा है।
तीन मौतों से गांव में पसरा मातम
एक साथ तीन युवकों की मौत की खबर मिलते ही गांव में चीख-पुकार मच गई। परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल रहा। घटना ने पूरे गांव को झकझोर दिया। मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने बताया कि बंद पड़े कुएं में उतरने से पहले अंदर की गैस की जांच नहीं की गई, जिसके कारण इतना बड़ा हादसा हो गया।
डीएम-एसपी ने मौके पर पहुंचकर लिया जायजा
हादसे की जानकारी मिलते ही जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग, पुलिस अधीक्षक, सीओ चकिया और डीपीआरओ समेत अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर हादसे की जानकारी ली। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है।
बंद कुओं की होगी जांच
जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने घटना पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि यह बेहद दुखद घटना है। शासन से मिलने वाली आर्थिक सहायता पीड़ित परिवारों को दिलाई जाएगी। उन्होंने कहा कि जिले में बंद पड़े ऐसे कुओं को चिह्नित कर उनकी जांच कराई जाएगी और आवश्यक सुरक्षा प्रबंध सुनिश्चित किए जाएंगे, ताकि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटना की पुनरावृत्ति न हो।