चकिया – 65 साल के उम्र गजब का आत्मविश्वास, ढाई दशक का इंतजार खत्म……4 बार विधानसभा में उठाए, 2 बार मुख्यमंत्री से मिलें, तब जाकर 10 अगस्त को इतिहास रचने जा रहा है, MLA कैलाश आचार्य की बड़ी सफलता: 25 साल से लटका विज्ञान वर्ग की मिली सौगात…..हर सरकारों में होता था बस वाद, होती थी चुनावी सभा में मांग, शिक्षक ने समझा छात्रों का दर्द, मौका मिला तो कर दिया…. पढ़ें अशोक द्विवेदी की रिपोर्ट
कैलाश आचार्य के प्रयास से चकिया में विज्ञान की नई उड़ान,
ढाई दशक का इंतजार खत्म, सावित्रीबाई फुले पीजी कॉलेज में पांच विषयों से शुरू होगी विज्ञान वर्ग की पढ़ाई
-विधानसभा में चार बार उठाया मुद्दा,
मुख्यमंत्री और उच्च शिक्षा मंत्री से लगातार की पैरवी
10 अगस्त को भूमि पूजन से नए अध्याय का श्रीगणेश

चकिया, चंदौली । ढाई दशक से विज्ञान वर्ग की पढ़ाई का इंतजार कर रहे चकिया क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए सोमवार का दिन ऐतिहासिक होने जा रहा है। सावित्रीबाई फुले राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में विज्ञान वर्ग की स्नातक कक्षाओं के संचालन को शासन से मंजूरी मिल गई है। गणित, भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, जंतु विज्ञान और वनस्पति विज्ञान जैसे पांच महत्वपूर्ण विषयों में पढ़ाई शुरू होगी। इस बहुप्रतीक्षित उपलब्धि के पीछे चकिया विधायक कैलाश आचार्य की चार वर्षों की लगातार पैरवी और प्रयास को निर्णायक माना जा रहा है । सोमवार 10 अगस्त को महाविद्यालय परिसर में भवन निर्माण के लिए भूमि पूजन व शिलान्यास होगा। नोएडा विधायक पंकज सिंह कार्यक्रम के मुख्य अतिथि होंगे।
जो वादा किया, उसे मंजिल तक पहुंचाया
वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतरे शिक्षक कैलाश आचार्य ने विद्यार्थियों, युवाओं और अभिभावकों के बीच महाविद्यालय में विज्ञान वर्ग की पढ़ाई शुरू कराने का भरोसा दिया था। विधायक बनने के बाद उन्होंने इस वादे को केवल चुनावी घोषणा तक सीमित नहीं रखा, बल्कि इसे लगातार शासन व विधानसभा के स्तर पर उठाते रहे।
बीते करीब चार वर्षों में विधायक कैलाश आचार्य ने विधानसभा में चार बार इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। तीन बार इसे विधानसभा के बजट सत्र में पटल पर रखा गया । जबकि प्रश्नकाल में भी सरकार का ध्यान आकृष्ट कराया। यही नहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उच्च शिक्षा मंत्री तथा विभागीय अधिकारियों से जब-जब मुलाकात का अवसर मिला, विधायक ने चकिया पीजी कॉलेज में विज्ञान वर्ग शुरू कराने की मांग को प्रमुखता से रखा।

लगातार पैरवी का परिणाम यह रहा कि शासन ने महाविद्यालय में विज्ञान वर्ग के पांच विषयों की पढ़ाई को मंजूरी प्रदान कर दी।
अब चकिया के बच्चों को नहीं जाना पड़ेगा दूर
विज्ञान वर्ग शुरू होने के बाद चकिया व नौगढ़ तहसील और आसपास के ग्रामीण व पहाड़ी क्षेत्र के विद्यार्थियों को विज्ञान की पढ़ाई के लिए वाराणसी, धानापुर अथवा अन्य दूरस्थ क्षेत्रों में जाने की मजबूरी काफी हद तक खत्म होगी। विशेषकर गरीब व मध्यमवर्गीय परिवारों के विद्यार्थियों के लिए यह निर्णय बड़ी राहत लेकर आया है।
गणित, भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, जंतु विज्ञान व वनस्पति विज्ञान की पढ़ाई शुरू होने से क्षेत्र में उच्च शिक्षा के नए अवसर खुलेंगे। लंबे समय से विज्ञान वर्ग की मांग कर रहे विद्यार्थियों और अभिभावकों में भी इस निर्णय को लेकर उत्साह है।
25 साल की मांग, चार साल में निर्णायक परिणाम
चकिया के इस राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में विज्ञान वर्ग शुरू करने की मांग करीब 25 वर्षों से लगातार उठती रही है। अलग-अलग समय में जनप्रतिनिधियों ने इसके लिए प्रयास किए, लेकिन मांग परिणाम में तब्दील नहीं हो सकी। समय के साथ महाविद्यालय में स्नातक स्तर पर विषयों का विस्तार हुआ और स्नातकोत्तर कला वर्ग में भी कई विषयों की पढ़ाई शुरू हुई, लेकिन विज्ञान वर्ग का सपना अधूरा रहा।

वर्ष 2022 में विधायक कैलाश आचार्य ने इसे प्राथमिकता बनाते हुए शासन स्तर पर लगातार पैरवी शुरू की। शिक्षक की पृष्ठभूमि होने के कारण वे विद्यार्थियों की इस आवश्यकता को लेकर विशेष रूप से गंभीर रहे। विधानसभा से लेकर मुख्यमंत्री और उच्च शिक्षा विभाग तक लगातार प्रयासों के बाद अब यह सपना साकार होने जा रहा है।




