Monday, June 15, 2026
उत्तर-प्रदेशचंदौली

चकिया- छुट्टी के दिन मैदान में उतरे तहसीलदार, फावड़ा चलाकर करा दिया बड़ा समाधान…..”सरकारी अफसर का अनोखा अंदाज: खुद फावड़ा चलाया और खत्म कराया वर्षों पुराना विवाद, दो समुदाय के कुछ लोगों में था विवाद…….

फावड़ा उठाया, विवाद मिटाया: तहसीलदार की पहल से पांच साल बाद खुला जल निकासी का रास्ता

चकिया (चंदौली), भारत एकता टाइम्स।

ताकिया-महडौर गांव में पिछले पांच वर्षों से चला आ रहा जल निकासी विवाद आखिरकार प्रशासन की सक्रिय पहल से समाप्त हो गया। यह केवल एक सरकारी कार्रवाई नहीं थी, बल्कि एक ऐसी मिसाल बनी जिसमें एक अधिकारी ने दफ्तर की कुर्सी छोड़कर सीधे मैदान में उतरकर समस्या के समाधान का नेतृत्व किया।

गांव में जल निकासी को लेकर लंबे समय से विवाद बना हुआ था। बरसात के दिनों में पानी के जमाव से ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। स्थिति इतनी संवेदनशील हो गई थी कि मामला दो समुदायों के बीच तनाव का कारण बनने लगा था। कई बार शिकायतें हुईं, बैठकें हुईं, लेकिन समाधान नहीं निकल सका।

मामले की गंभीरता को देखते हुए तहसीलदार देवेंद्र कुमार यादव स्वयं मौके पर पहुंचे। उनके साथ दो नायब तहसीलदार, 18 लेखपाल, थाना प्रभारी और भारी पुलिस बल भी मौजूद रहा। प्रशासनिक टीम ने राजस्व अभिलेखों की जांच की और जल निकासी के लिए निर्धारित रास्ते को चिह्नित किया।

इसके बाद जो दृश्य सामने आया, उसने ग्रामीणों का दिल जीत लिया। तहसीलदार देवेंद्र कुमार यादव ने खुद फावड़ा उठाया और नाली निर्माण कार्य की शुरुआत कराई। अधिकारियों को केवल निर्देश देने के बजाय स्वयं श्रम करते देख ग्रामीण भी आगे आए और कार्य में सहयोग करने लगे।

प्रशासन की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच सहमति बनी और समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किए गए। वर्षों से विवाद का कारण बनी समस्या का समाधान होते ही गांव में राहत और संतोष का माहौल दिखाई दिया।

ग्रामीणों ने बताया कि जल निकासी बाधित होने के कारण हर वर्ष बरसात में घरों और रास्तों पर पानी भर जाता था। कई बार विवाद की स्थिति भी बनी, लेकिन इस बार प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर स्थायी समाधान सुनिश्चित कराया।

तहसीलदार देवेंद्र कुमार यादव ने कहा कि जनहित से जुड़े मामलों का त्वरित निस्तारण प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी भूमि, सार्वजनिक रास्तों और जल निकासी व्यवस्था पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा या बाधा स्वीकार नहीं की जाएगी। ऐसी शिकायतों पर प्रशासन तत्काल कार्रवाई करेगा।

गांव के लोगों का कहना है कि अधिकारियों का इस तरह स्वयं मौके पर उतरकर काम करना न केवल जनता का भरोसा बढ़ाता है, बल्कि विकास कार्यों को भी नई गति देता है। ताकिया-महडौर में जल निकासी विवाद का समाधान अब प्रशासनिक संवेदनशीलता और सक्रिय नेतृत्व की एक मिसाल के रूप में देखा जा रहा है।

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जब अधिकारी ने थामा फावड़ा, बढ़ा जनता का भरोसा

तहसीलदार देवेंद्र कुमार यादव का खुद फावड़ा चलाना पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि अक्सर अधिकारी निरीक्षण कर लौट जाते हैं, लेकिन यहां तहसीलदार ने खुद श्रमदान कर यह संदेश दिया कि प्रशासन केवल आदेश देने के लिए नहीं, बल्कि जनता की समस्याओं के समाधान के लिए भी मैदान में उतर सकता है।

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