Tuesday, June 23, 2026
उत्तर-प्रदेशकानपुर

आग में झुलसी दुल्हन की बर्न वार्ड में भरी मांग; दूल्हा बोला-परिस्थितियां कैसी भी हों, साथ नहीं छोडूंगा

कानपुर, लखनऊ। पूर्वांचल पोस्ट न्यूज

घाटमपुर क्षेत्र में शादी की खुशियां उस समय मातम में बदल गईं जब मेहंदी समारोह के दौरान गैस सिलिंडर रिसाव से लगी आग में दुल्हन समेत 12 लोग झुलस गए। लेकिन विपरीत परिस्थितियों के बीच दूल्हे ने अपने वचन निभाते हुए अस्पताल में भर्ती दुल्हन से शादी कर मिसाल पेश की।

कहते हैं कि जोड़ियां स्वर्ग में बनती हैं, लेकिन कानपुर में एक ऐसी जोड़ी ने जन्म लिया जिसने दुनिया के सामने प्यार और वफादारी की नई मिसाल पेश की है। जिस घर में शादी की शहनाइयां गूंजनी थीं, वहां सिलेंडर ब्लास्ट की आग ने खुशियों को मातम में बदलने की कोशिश की। लेकिन, एक दूल्हे के अडिग फैसले ने न केवल अपनी दुल्हन की जान बचाई, बल्कि अस्पताल के ‘बर्न वार्ड’ को ही पवित्र मंडप बना दिया। शुक्रवार रात जब दूल्हे ने अस्पताल के बेड पर लेटी, पट्टियों में लिपटी दुल्हन की मांग भरी, तो वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं।

खुशियों के बीच ‘अग्नि परीक्षा’

मामला घाटमपुर के जगन्नाथपुर गांव का है। यहाँ रहने वाले जगदीश सिंह की 23 वर्षीय बेटी गरिमा सिंह उर्फ श्वेता की शादी कानपुर के तात्या टोपे नगर निवासी विकास सिंह (27) के साथ तय थी। गुरुवार को बारात आनी थी और 13 मई को घर में मेहंदी का उत्साह था। घर में रिश्तेदारों की भीड़ थी, हंसी-ठिठोली चल रही थी और शादी के गीत गाए जा रहे थे।

चार एंबुलेंस और चीखता हुआ गांव

हादसे के बाद गांव में कोहराम मच गया। आनन-फानन में चार एंबुलेंस बुलाई गईं और सभी घायलों को घाटमपुर सीएचसी ले जाया गया। डॉक्टरों ने हालत नाजुक देखते हुए सभी को कानपुर रेफर कर दिया। दुल्हन और उसके परिजनों को जाजमऊ स्थित मिशिका हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। आग इतनी विकराल थी कि फायर ब्रिगेड को इसे बुझाने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।

दूल्हे का फैसला: ‘शादी टलेगी नहीं, अभी होगी

हादसे की खबर जब दूल्हे विकास और उसके परिवार को मिली, तो वे बदहवास होकर अस्पताल पहुंचे। गरिमा की हालत देख डॉक्टरों और कुछ करीबियों ने सलाह दी कि फिलहाल शादी टाल दी जाए। लेकिन विकास का इरादा कुछ और ही था। विकास ने साफ शब्दों में कहा, रिश्ता अच्छे वक्त के लिए नहीं, हर वक्त के लिए होता है। अगर आज मैं पीछे हट गया, तो यह गरिमा के साथ नाइंसाफी होगी। मैं अभी और इसी वक्त गरिमा को अपनी पत्नी के रूप में स्वीकार करूंगा।

बर्न वार्ड बना मंडप, नर्स बनीं बाराती

विकास की जिद और प्यार के आगे दोनों परिवार नतमस्तक हो गए। अस्पताल प्रशासन से विशेष अनुमति ली गई। इसके बाद जो हुआ, वह किसी फिल्म की पटकथा जैसा था। अस्पताल के नर्सिंग स्टाफ और परिजनों ने मिलकर बर्न वार्ड के एक हिस्से को फूलों और मालाओं से सजाया। शुक्रवार रात विकास साधारण सफेद शर्ट और काली पैंट पहनकर वार्ड में दाखिल हुआ। वहां कोई बैंड-बाजा नहीं था, केवल अस्पताल की मशीनों की ‘बीप’ और अपनों की दुआएं थीं। बेड पर लेटी गरिमा की आंखों में आंसू थे, लेकिन चेहरे पर विकास के प्रति अटूट विश्वास। विकास ने पवित्र मंत्रोच्चार के बीच गरिमा की मांग में सिंदूर भरा और उसे अपनी जीवनसंगिनी बना लिया।

डॉक्टर भी हुए भावुक

मिशिका हॉस्पिटल के एमडी डॉ. सुरेंद्र पटेल ने बताया, अस्पताल के इतिहास में यह एक दुर्लभ और बेहद भावुक पल था। हमारे नर्सिंग स्टाफ ने खुद आगे बढ़कर वार्ड को सजाने में मदद की। दुल्हन की स्थिति में अब धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। उसे रिकवर होने और डिस्चार्ज होने में करीब 8 से 10 दिन का समय लग सकता है।

 

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