Tuesday, June 23, 2026
उत्तर-प्रदेशचंदौली

चंदौली – जब एक महीना चला, आज समापन…..जनपद में कैशलेस उपचार योजना लागू है, डेढ़ लाख मिलेगा……..ARTO ने बताया जान बचाने वाले को मिलता है 25 हजार रुपये का पुरस्कार, गूंजा ‘जीरो फैटेलिटी’ का संकल्प

चंदौली।

सड़क दुर्घटनाओं पर लगाम लगाने और आमजन को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से मनाए गए राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह का समापन शुक्रवार को नियामताबाद स्थित लाल बहादुर शास्त्री पीजी कॉलेज के सभागार में भव्य रूप से किया गया। इस अवसर पर सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन, छात्र-छात्राओं और आमजन ने एक स्वर में ‘जीरो फैटेलिटी’ का संकल्प दोहराया।

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशानुसार 1 जनवरी से 31 जनवरी 2026 तक राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह आयोजित किया गया, जिसे जनपद चंदौली में ‘जीरो फैटेलिटी माह’ के रूप में मनाया गया। अभियान का मुख्य उद्देश्य सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के प्रति जनमानस में जागरूकता पैदा करना रहा। कार्यक्रम में परिवहन, गृह, लोक निर्माण, चिकित्सा एवं शिक्षा विभाग सहित सभी संबंधित विभागों और स्टेकहोल्डरों की सक्रिय सहभागिता रही।

समापन समारोह में वाराणसी से आए कलाकारों ने स्काउट गाइड एवं छात्र-छात्राओं के बीच नुक्कड़ नाटक और गीत-संगीत के माध्यम से यातायात नियमों की जानकारी दी और उनके उल्लंघन से होने वाले गंभीर दुष्परिणामों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।

मुख्य चिकित्साधिकारी चंदौली डॉ. वाई.के. राय ने वाहन चलाते समय हेलमेट और सीट बेल्ट के अनिवार्य प्रयोग पर जोर देते हुए कहा कि शरीर के अन्य अंगों की चोटों का इलाज संभव है, लेकिन सिर में गंभीर चोट जानलेवा साबित हो सकती है। उन्होंने बताया कि जनपद में कैशलेस उपचार योजना लागू है, जिसके तहत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को डेढ़ लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जाती है और निजी अस्पतालों में भी उपचार की सुविधा उपलब्ध है।

एआरटीओ डॉ. सर्वेश गौतम ने कहा कि सर्दियों में कोहरे के कारण सड़क दुर्घटनाओं की संख्या बढ़ जाती है, इसे देखते हुए मुख्यमंत्री के निर्देश पर इस माह विशेष सतर्कता बरती गई। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के दौरान विद्यालयों और सार्वजनिक स्थलों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए तथा अभियान के तहत 500 से अधिक मामलों में हेलमेट, सीट बेल्ट और यातायात नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई की गई।

डॉ. गौतम ने कहा कि आंकड़े बताते हैं कि सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतें कई बार महामारी के दौरान हुई मौतों से भी अधिक होती हैं। दुर्घटनाओं को पूरी तरह समाप्त करना संभव नहीं है, लेकिन सावधानी और नियमों के पालन से इनकी संख्या में निश्चित रूप से कमी लाई जा सकती है। उन्होंने केंद्र सरकार की ‘राहगीर योजना’ की जानकारी देते हुए बताया कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की जान बचाने वाले नागरिक को 25 हजार रुपये का पुरस्कार दिया जाता है और अस्पताल में उसे किसी प्रकार की परेशानी नहीं होती। साथ ही उन्होंने ‘गोल्डन आवर’ के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि दुर्घटना के बाद पहले एक घंटे में इलाज मिलने से जान बचने की संभावना सबसे अधिक होती है।

कार्यक्रम के अंत में सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी चंदौली ने उपस्थित सभी लोगों को यातायात नियमों के पालन की शपथ दिलाई। इस अवसर पर सड़क दुर्घटनाओं में घायलों को समय से अस्पताल पहुंचाने वाले नागरिकों और जनपद के मीडिया कर्मियों को सम्मानित भी किया गया।

समारोह में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. वाई.के. राय, यातायात निरीक्षक, लाल बहादुर शास्त्री पीजी कॉलेज के प्रबंधक राजेश तिवारी, प्राचार्य उदय नारायण मिश्र, संजय पांडेय सहित जनपद के मीडिया कर्मी, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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