चंदौली – अब तहसील व ब्लॉक मुख्यालयों पर बनेंगे स्थायी हेलीपैड, जनपद में कुल 9 बनेगा स्थायी हेलीपैड…….शासन ने मांगी कार्य योजना, प्रशासन खाका तैयार करने में जुटा, भूमि खोज में जुटा राजस्व व पीडब्ल्यूडी विभाग…..हर ब्लॉक-तहसील मुख्यालय पर दिखेगा ‘H’
रिपोर्ट –प्रशांत कुमार
चंदौली।
जनपदों में बढ़ते वीआईपी मूवमेंट और आपदा प्रबंधन की जरूरतों को देखते हुए शासन ने प्रत्येक ब्लॉक और तहसील मुख्यालय पर स्थायी हेलीपैड निर्माण की योजना बनाई है। इसके तहत जिला प्रशासन से सभी तहसीलों और ब्लॉकों में भूमि उपलब्धता की रिपोर्ट मांगी गई है।
जनपद चंदौली में कुल पांच तहसील और नौ विकासखंड हैं। शासन की गाइडलाइन के अनुसार तहसील प्रशासन को भूमि की उपलब्धता, तकनीकी उपयुक्तता और विवाद-मुक्त स्थिति को लेकर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। योजना के तहत जनपद में कुल नौ स्थायी हेलीपैड बनाए जाएंगे। इसके लिए लोक निर्माण विभाग के साथ-साथ राजस्व विभाग भी सक्रिय हो गया है। शासन ने हेलीपैड निर्माण की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग को सौंपी है। एक हेलीपैड पर 6 से 7 लाख का अनुमानित खर्च आयेगा।
शासन की मंशा है कि प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री और अन्य अति विशिष्ट अतिथियों के आगमन के दौरान अस्थायी हेलीपैड बनाने की जरूरत न पड़े। विशेषकर चुनावी समय में वीवीआईपी मूवमेंट काफी बढ़ जाता है, जिससे प्रशासन को बार-बार अस्थायी व्यवस्था करनी पड़ती है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक ब्लॉक, तहसील और जिला मुख्यालय पर पक्का हेलीपैड बनाए जाने की योजना तैयार की गई है।
प्रत्येक हेलीपैड के निर्माण पर लगभग 25 से 30 लाख रुपये खर्च आने का अनुमान है। हेलीपैड का आउटर सर्कल 40×40 मीटर और इनर सर्कल 20×20 मीटर का होगा।
जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने सभी उपजिलाधिकारियों (SDM) और खंड विकास अधिकारियों (BDO) को अलर्ट मोड पर रखते हुए निर्देश दिया है कि तहसील और ब्लॉक मुख्यालयों के पास ऐसी भूमि चिन्हित की जाए, जो तकनीकी रूप से उपयुक्त हो और जिस पर किसी प्रकार का कानूनी विवाद न हो।
इस योजना से बाढ़ या अन्य प्राकृतिक आपदाओं के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी आएगी। साथ ही मुख्यमंत्री या अन्य वीआईपी दौरों में समय और खर्च की भी बचत होगी। पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण इस जिले में हेलीपैड बनने से विदेशी पर्यटकों और निवेशकों के आवागमन में भी सुविधा होगी।
लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता इंजीनियर राजेश कुमार ने बताया कि शासन के निर्देशों के अनुसार हेलीपैड निर्माण के लिए तकनीकी मानकों पर आधारित कार्य योजना तैयार की जा रही है। चयनित स्थलों का भौतिक सत्यापन कराया जा रहा है, ताकि निर्माण में किसी प्रकार की तकनीकी या कानूनी बाधा न आए। हेलीपैड के निर्माण में मजबूत कंक्रीट सतह, स्टील सुदृढ़ीकरण, स्पष्ट ‘H’ मार्किंग, लाइटिंग और अग्निशमन व्यवस्था अनिवार्य रूप से शामिल होगी। भूमि उपलब्ध होते ही जल्द से जल्द डीपीआर बनाकर शासन को भेजी जाएगी, ताकि समयबद्ध तरीके से निर्माण कार्य शुरू किया जा सके।
हेलीपैड निर्माण के प्रमुख मानक
हेलीपैड के निर्माण में जमीन को समतल कर कंक्रीट या मॉड्यूलर डेक तैयार किया जाता है, जो हेलीकॉप्टर के भारी वजन और डाउनवॉश को सहन कर सके। इसके बाद सतह पर ऊपर से स्पष्ट दिखने वाला ‘H’ और सर्कल बनाया जाता है। सुरक्षा की दृष्टि से फायर सेफ्टी सिस्टम और नाइट लैंडिंग के लिए लाइटिंग की व्यवस्था भी की जाती है।











