चंदौली डीएम से गृह सचिव तक का सफर : कुमार प्रशांत के फैसलों ने बदली नक्सल क्षेत्र की तस्वीर……. चंदौली में मजबूत छाप,अब गृह सचिव की कमान,, पढ़ें विशेष रिपोर्ट अशोक द्विवेदी की
अशोक कुमार द्विवेदी ,विशेष संवाददाता
चंदौली। आईएएस कुमार प्रशांत का नाम उत्तर प्रदेश प्रशासन में नवाचार, सख्त निगरानी व विकासोन्मुख सोच के लिए जाना जाता है। मूल रूप से मऊ जिले के रहने वाले कुमार प्रशांत आईआईटी कानपुर से सिविल इंजीनियरिंग में बी.टेक कर यूपीएससी पास किए । बतौर डीएम पहली पोस्टिंग चंदौली में हुई। यही वह जिला रहा, जहां उन्होंने अपने निर्णयों , प्रयोगों से अलग पहचान बनाई। आज वही अधिकारी प्रदेश के गृह सचिव की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
नक्सल प्रभावित नौगढ़ में शिक्षा सुधार का प्रयोग
वर्ष 2016–17 में चंदौली के नक्सल प्रभावित नौगढ़ ब्लॉक में शिक्षा व्यवस्था सुधारना बड़ी चुनौती थी। इसे देखते हुए डीएम कुमार प्रशांत ने सरकारी स्कूलों में ‘सेल्फी विद अटेंडेंस’ की अनूठी पहल शुरू की।इसके तहत शिक्षक विद्यालय पहुंचकर बच्चों के साथ सेल्फी लेकर बीआरसी के व्हाट्सएप ग्रुप में अपलोड करते थे, जो बीएसए, डीएम और सीडीओ तक पहुंचती थी। इस प्रयोग से विद्यार्थीयों व शिक्षकों की उपस्थिति में 10 से 15 फीसद की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
रैंडम सेल्फी से फर्जी हाजिरी पर रोक
केवल सुबह की उपस्थिति तक सीमित न रहते हुए डीएम ने रैंडम सेल्फी सिस्टम लागू कराया। प्रेयर के बाद किसी भी पीरियड में बच्चों संग सेल्फी मांगी जा सकती थी। इससे उपस्थिति दिखाकर स्कूल से गायब रहने वाले शिक्षकों पर प्रभावी नियंत्रण हुआ।
मिशन मार्गदर्शन से शिक्षा को मिली दिशा
नौगढ़ जैसे दुर्गम व नक्सल प्रभावित इलाके में शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए डीएम कुमार प्रशांत ने ‘मिशन मार्गदर्शन’ की शुरुआत की। उद्देश्य बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना था।
औरवाटांड को पर्यटन मानचित्र पर लाने की पहल
डीएम कुमार प्रशांत के कार्यकाल में केवल शिक्षा और प्रशासन ही नहीं, बल्कि पर्यटन विकास की दिशा में भी ठोस पहल हुई। नौगढ़ के औरवाटांड को एक संभावित पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने की प्रारंभिक शुरुआत इन्हीं के कार्यकाल में की गई थी। स्थलीय निरीक्षण कर आधारभूत सुविधाओं की रूपरेखा तैयार कराई और संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बाद के वर्षों में यह स्थान पर्यटन की दृष्टि से चर्चा में आया।
डीएम रहते बने दो नई तहसील
कुमार प्रशांत के कार्यकाल में चंदौली को बड़ी प्रशासनिक सौगात मिली।18 नवंबर 2016 को जिले की पांचवीं तहसील नौगढ़ अस्तित्व में आई, जिसमें 139 राजस्व गांव शामिल किए गए।13 दिसंबर 2016 को नौगढ़ तहसील का विधिवत शुभारंभ किया गया। वहीं 4 अप्रैल 2016 को मुगलसराय तहसील का गठन कर कार्य भी शुरू हुआ।
प्रथम ओडीएफ गांव बनाने में दिखाई व्यक्तिगत सक्रियता
स्वच्छ भारत मिशन के तहत डीएम कुमार प्रशांत के कार्यकाल में ही जनपद का पहला ओडीएफ (खुले में शौच मुक्त) गांव मोहम्मदपुर बना। यह गांव सामाजिक मान्यताओं और आदतों के कारण ओडीएफ घोषित कराना आसान नहीं था, लेकिन डीएम स्वयं तीन से चार बार गांव पहुंचे, ग्रामीणों से सीधे संवाद किया । स्वच्छता के प्रति जागरूक किया। व्यक्तिगत पहल व निरंतर निगरानी का ही परिणाम रहा कि मोहम्मदपुर को ओडीएफ घोषित किया जा सका।
2017 विधानसभा चुनाव में रचा रिकॉर्ड
वर्ष 2017 विधानसभा चुनाव के दौरान डीएम कुमार प्रशांत के विशेष प्रयासों से SVEEP (सुव्यवस्थित मतदाता शिक्षा निर्वाचक सहभागिता) अभियान ने जिले में नई मिसाल कायम की। चकिया–मुगलसराय मार्ग पर 30 किमी लंबी मानव श्रृंखला बनाकर मतदाताओं को जागरूक किया गया, जिससे मतदान प्रतिशत में बढ़ोतरी दर्ज हुई।
कुमार प्रशांत का प्रशासनिक सफर
सीडीओ गोरखपुर ,डीएम चंदौली, फतेहपुर व बदायूं ,एमडी यूपी इलेक्ट्रानिक्स ,विशेष सचिव गृह विभाग , निदेशक समाज कल्याण व एमडी, यूपी सिडिको और अब एक जनवरी 2026 से गृह सचिव।















