चकिया के राघवेंद्र ने नासा परियोजना में खोजा नया क्षुद्रग्रह……..2024 JU25” नाम से अस्थायी पहचान, खोजकर्ता को मिलेगा नामकरण का अधिकार
पैन-स्टार्स इंस्टीट्यूट ने दी खोज को मान्यता, नासा ने जारी किया प्रमाणपत्र
खगोल विज्ञान में बड़ी उपलब्धि, “2024 JU25” नाम से अस्थायी पहचान
राघवेंद्र गुप्ता ने नासा प्रायोजित IASC प्रोजेक्ट में 4 क्षुद्रग्रहों की पहचान की
नासा ने प्रमाणपत्र जारी किया, नामकरण का अधिकार भी खोजकर्ता को
चकिया का बेटा बना जिले का गौरव, युवाओं में उत्साह की लहर
चकिया (चंदौली)।
नगर के वार्ड संख्या 06 निवासी महेंद्र प्रसाद गुप्ता के पुत्र राघवेंद्र गुप्ता ने अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल कर जनपद का नाम रोशन किया है। उन्होंने वर्ष 2024 में आयोजित इंटरनेशनल ऐस्टेरॉयड सर्च कोलैबोरेशन (International Asteroid Search Collaboration – IASC) के तहत चार क्षुद्रग्रहों की पहचान की, जिनमें से एक की पुष्टि अमेरिका के पैन-स्टार्स इंस्टीट्यूट फॉर एस्ट्रोनॉमी, यूनिवर्सिटी ऑफ हवाई द्वारा की गई है।
मंगल-बृहस्पति के बीच परिक्रमा कर रहा “2024 JU25”
यह क्षुद्रग्रह हमारे सौरमंडल में मंगल और बृहस्पति ग्रह के बीच स्थित क्षुद्रग्रह पट्टी (Asteroid Belt) में परिक्रमा कर रहा है। वैज्ञानिक परीक्षण के बाद इसे “2024 JU25” नाम से अस्थायी रूप में मान्यता दी गई है। खोज के आधार पर नासा (NASA) ने राघवेंद्र को प्रमाणपत्र भी जारी किया है।
खोजकर्ता को मिलेगा नामकरण का अधिकार
नासा की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि भविष्य में जब इस क्षुद्रग्रह की स्थायी पुष्टि हो जाएगी, तब राघवेंद्र गुप्ता को इसका नामकरण करने का विशेषाधिकार दिया जाएगा। साथ ही उन्हें आगे के खगोल वैज्ञानिक शोध कार्यों में भागीदारी हेतु आमंत्रित किया गया है।
जिले में खुशी की लहर
राघवेंद्र की इस उपलब्धि से चकिया और पूरे जनपद में गर्व की भावना है। पिता महेंद्र प्रसाद गुप्ता ने कहा कि—
“बेटे की लगन और परिश्रम का यह परिणाम है। वह बचपन से ही अंतरिक्ष और विज्ञान में रुचि रखता था।”

स्थानीय शिक्षकों, छात्रों और जनप्रतिनिधियों ने भी बधाई दी और राघवेंद्र को जिले के युवाओं के लिए प्रेरणास्त्रोत बताया।







