Tuesday, June 23, 2026
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डाक्टर की तबीयत खराब, हुआ मौत…..तीन दिन पहले घूस लेते एंटी करप्शन ने पकड़ा था, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी को रंगेहाथ…. अस्पताल ले जाते समय हुआ मौत

वाराणसी, लखनऊ।

वाराणसी के जिला जेल में बंदी डाक्टर वेंकेटेश मौआर (42) निवासी बलिया की सोमवार को तबीयत खराब हो गई। इसके बाद जिला जेल के अस्पताल में चिकित्सक डॉ. हरिवंश ने उनकी जांच की। स्थिति खराब होते ही उन्होंने कबीरचौरा अस्पताल रेफर कर दिया।

वाहन से अस्पताल ले जाने से पहले ही रास्ते में डॉक्टर वेंकटेश ने दम तोड़ दिया। जिला जेल अधीक्षक सौरभ श्रीवास्तव ने बताया कि उन्हें बुखार जैसे कुछ लक्षण लग रहे थे। इसके बाद जेल अस्पताल के चिकित्सक ने प्राथमिक उपचार करने के बाद उन्हें मंडली अस्पताल भेजा गया था।

शव को अस्पताल के मार्चरी में रखा गया है। उनके परिजनों को सचना दे दी गई है। इन्हें दो दिन पूर्व एंटी करप्शन ने घूस लेते हुए पकड़ा था। इसके बाद जिला जेल के कोरेंटीन बैरक में रखा गया था।

बलिया के बांसडीह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉक्टर वेंकटेश्वर मौआर को एंटी करप्शन टीम ने बीते गुरुवार यानी 12 जून को घूस लेते रंगे हाथ पकड़ लिया था। टीम ने साक्ष्यों को लेने के बाद उन्हें गिरफ्तार कर कोतवाली लेती गई। यहां से उन्हें वाराणसी जिला जेल भेज दिया गया था।

सीएचसी परिसर में अमृत फार्मेसी मेडिकल स्टोर संचालन का तीन लेटर जारी करने के नाम पर चिकित्साधिकारी तीन लाख रुपया की मांग की थी। पैसा देने के बाद दो लेटर जारी कर दिया था। मेडिकल संचालक अजय तिवारी ने बताया कि एमवाईसी हर माह 20 हजार रुपया की डिमांड करने लगा।

पैसा न देने पर तीसरा लेटर जारी नहीं कर रहा था। इससे परेशान होकर अजय ने एंटी करप्शन वाराणसी से शिकायत कर दी। टीम ने मामले को संज्ञान ले लिया। वाराणसी की एंटी करप्शन के पांच सदस्यी टीम बलिया के बांसडीह पहुंच अजय तिवारी को केमिकल युक्त 20 हजार रुपया एमवाईसी को देने को भेजवाया। 

चिकित्सा प्रभारी डाक्टर वेंकेटेश मौआर ओपीडी में बैठकर मरीज़ो को देख रहे थे, अजय तिवारी ने 20 हजार रुपया दे दिया। उसी दौरान टीम के सदस्यों ने डॉक्टर को घूस के पैसे के साथ रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इसकी खबर लगते ही कर्मचारियों में खलबली मच गई। टीम ने गवाहों के समक्ष केमिकल को धुलवाकर साक्ष्य लिया। एमवाईसी डॉक्टर वेंकेटेश्वर मौवार पर पूर्व में भी घूस मांगने का आरोप लगा था, लेकिन मामला शांत हो गया।

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