चकियाः जिला सचिव के आवास पर हुआ इफ्तार पार्टी, पहुंचे पूर्व विधायक सहित जिलाध्यक्ष, नि. प्रदेश सचिव……पूर्व विधायक ने कहा इस तरह के आयोजन से गंगा जमुनी तहजीब और सांप्रदायिक सौहार्द को मिलता है बढ़ावा…..
चकिया, चंदौली। शहाबगंज क्षेत्र के करनौल गांव में समाजवादी लोहिया वाहिनी के जिला सचिव शमीम अहमद के आवास पर रोजा इफ्तार पार्टी का आयोजन किया गया। जिसमें इफ्तार व नमाज के बाद मुल्क में अमन चैन खुशहाली व तरक्की लिए दुआ किया गया। रोजा इफ्तार में पूर्व विधायक जितेन्द्र कुमार एडवोकेट, लोहिया वाहिनी के जिला अध्यक्ष निरंजन कन्नौजिया, विधानसभा अध्यक्ष प्रभु नारायण यादव, नि. प्रदेश सचिव मुस्ताक अहमद खां, महमूद आलम आदि ने शिरकत किया।

शमीम अहमद के आवास पर दावत ए रोजा इफ्तार में सभी धर्म व संप्रदाय के लोगों ने भाग लिया। इफ्तार पार्टी में गंगा, जमुनी तहजीब की झलक साफ दिखाई दे रही थी। इफ्तार के बाद मगरिब की नमाज अदा की गई। देश में अमन चैन, आपसी सौहार्द, खुशहाली व भाई चारे के लिए दुआएं मांगी गईं। रोजा इफ्तार में हिदू.मुस्लिम बंधुओं ने बढ़.चढ़कर हिस्सा लिया और एक साथ मिलकर इफ्तार किया। इस दौरान आपसी एकता व भाईचारे को मजबूती प्रदान करने का आह्वान किया।
पूर्व विधायक जितेन्द्र कुमार एडवोकेट ने कहा कि इस तरह के आयोजन से गंगा जमुनी तहजीब और सांप्रदायिक सौहार्द को बढ़ावा मिलता है। इस्लाम धर्म में रमजान का महीना सबसे पाक और महत्वपूर्ण माना गया है। मुस्लिम समाज के लोग इस पूरे महीने रोजा यानी उपवास रखते हैं, और अपना ज्यादा से ज्यादा समय अल्लाह की इबादत में बिताते हैं।

लोहिया वाहिनी के जिला अध्यक्ष निरंजन कन्नौजिया ने कहा कि इस्लामिक मान्यताओं के अनुसार रमजान का महीना इतना पाक इसलिए माना गया है, क्योंकि इस महीने में पैगंबर मोहम्मद साहब को साल 610 में लैलतुल, कद्र के मौके पर इस्लाम धर्म की पवित्र किताब कुरआन शरीफ मिली थी।
नि.प्रदेश सचिव मुस्ताक अहमद खां ने बताया कि इस्लाम धर्म में रोजा रखने का मतलब है, खुद को खुदा के लिए समर्पित करना, ये रोजा पूरे एक महीने तक सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त रखा जाता है। इसके साथ ही रमजान के महीने में सहरी और इफ्तार की परंपरा भी निभाई जाती है।



