झांसा दे कार में बिठा यात्री से लूटपाट करता था गिरोह, एक भाई चालक तो दूसरा खुद को बताता था अधिकारी
पटना। Bihar News: यात्रियों को झांसा देकर कार से उन्हें गंतव्य तक छोड़ने के नाम पर लूटपाट करने वाले गिरोह के तीन बदमाशों को कोतवाली थाने की पुलिस ने नालंदा के नूर सराय थाना क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया है। तीनों की पहचान रंजन पासवान, चंदन पासवान और अनिल पासवान के रूप में हुई है।
रंजन और चंदन दोनों सगे भाई हैं, जो नालंदा के नूर सराय थाना क्षेत्र के बेलसर के रहने वाले हैं। वहीं, अनिल नालंदा के तुफानगंज का निवासी है। इनके खिलाफ पटना और नालंदा के अलग-अलग थानों में केस दर्ज है।
अररिया के बसंतपुर निवासी अनसर नईम 22 नवंबर 2023 को सुबह छह बजे वह अररिया से चिरैयाटाड़ पुल के नीचे पहुंचे थे। इसी गिरोह ने उन्हें गाड़ी में बैठाया और कुछ देर आगे ले जाकर लूटपाट कर उन्हें रास्ते में उतारकर फरार हो गया।
पीड़ित की शिकायत पर कोतवाली थाने की पुलिस केस दर्ज कर तीनों आरोपितों की पहचान तो कर ली, लेकिन वह घर से फरार थे। बुधवार को तीनों अपने घर आए थे कि कोतवाली पुलिस नालंदा पुलिस के सहयोग उनको दबोचकर पटना लाया गया।
हर किसी की अलग-अलग होती थी भूमिका
गिरोह में कुल 15 लोग शामिल थे। सभी आसपास के गांव के हैं। डेढ़ दशक से पटना और नालंदा के यात्रियों को कार में बैठाकर लूटपाट, अधिकारी बनकर चेकिंग के नाम पर रुपये व सामान लेकर भाग जाते हैं। गिरोह के हर सदस्यों की अलग-अलग भूमिका होती थी।
कोई कार रखे हुए है तो कोई चालक और यात्री बन जाता था। किसी का काम यात्री से बातचीत कर उन्हें गुमराह करना था तो कोई अधिकारी बनकर चेकिंग के नाम पर यात्रियों से ठगी करता था।
एक भाई चालक, दूसरा खुद को बताता था अधिकारी
चंदन चालक बनता था और दूसरा भाई रंजन फर्जी आइडी बनाकर खुद को अधिकारी बताता था। ये लोग उन्हें शिकार बनाते थे, जिनके पास बैग अधिक होते थे। रुपये होने की संभावना अधिक होती थी तब पता करते थे कि उन्हें कहां जाना है? कार से उनके बताए जगह पर जाने का
झांसा देकर आधा भाड़ा देने का प्रलोभन में फंसाता था। चालक सहित दो अपराधी यात्री बताकर बैठे रहते थे। रास्ते में सुनसान जगह पर चेकिंग चलने का बहान बनाकर नकद रूमाल में रखवा लेते थे। चेकिंग के बाद वापस देने का झांसा देते थे। फिर मारपीट कर एटीएम का पिन कोड पूछकर खाते से रकम भी निकालते थे।


